सिद्धू ने फिर अपनों पर ही खड़े किए सवाल, कहा- मैं शो पीस नहीं बनूंगा

Sidhu again raised questions on his own, said- I will not be a show piece
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चंडीगढ़ (एजेंसी)। पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने एक बार फिर अपनी ही सरकार पर सवाल खड़े कर दिए हैं। रविवार को उन्होंने चंडीगढ़ के सेक्टर-37 स्थित ला आडिटोरियम में ‘बोलदा पंजाब’ कार्यक्रम में लोगों के सवालों के जवाब दिए। सिद्धू से पूछा गया कि चुनाव के बाद अगर पार्टी हाईकमान ने उन्हें मुख्यमंत्री नहीं बनाया तो क्या होगा? जवाब में सिद्धू ने कहा, प्रियंका व राहुल दोनों खानदानी हैं। मैं उनका साथ नहीं छोड़ सकता। वह जो ड्यूटी देंगे मैं निभाऊंगा, लेकिन चुनाव के बाद दोबारा कांग्रेस की सरकार बनने पर भी वर्तमान वाली स्थिति ही रही, कोई बदलाव नहीं हुआ, तो मैं जिम्मेदारी नहीं लूंगा और… छोड़ दूंगा।

हालांकि, सिद्धू ने यह स्पष्ट नहीं किया कि वह पार्टी का अध्यक्ष पद छोड़ेंगे, पार्टी छोड़ेंगे या राहुल व प्रियंका का साथ। सिद्धू ने कहा, 2022 में सत्ता में ला दो। उसके बाद रेत भी उतने ही में ही बिके, शराब भी महंगी बिके और गुरबाणी का प्रसारण भी एक ही चैनल पर हो, तो सिद्धू जिम्मेदारी नहीं लेगा। सिद्धू मरता मर जाएगा, लेकिन लोगों से धोखा नहीं करेगा। इशारों-इशारों में सिद्धू ने हाईकमान को इस बात के संकेत दे दिए कि अगर उन्हें मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार नहीं बनाया गया, तो वह दर्शनी घोड़ा नहीं बनेंगे। सिद्धू ने दोहराया, राजनीतिक सिस्टम में अच्छे लोगों को हमेशा शो पीस की तरह सजा दिया जाता है, लेकिन मैं शो पीस नहीं बनूंगा। यह आखिरी मौका, अच्छा व्यक्ति नहीं आया तो अराजकता फैल जाएगी।

सिद्धू ने कहा, पंजाब के पास आखिरी मौका है। राज्य की जो वित्तीय स्थिति है, उसे देखकर अगर पिरामिड की चोटी (मुख्यमंत्री की कुर्सी) पर कोई अच्छा व्यक्ति नहीं आया, तो अराजकता फैल जाएगी। किसी ईमानदार के हाथ में कमान सौंपी गई, तो तस्वीर बदल जाएगी, क्योंकि मैं 2022 नहीं, बल्कि उसके आगे की सोच रहा हूं। इस बार चुनाव में किरदार, नैतिकता व पंजाब को इश्क करने वाले की जीत होगी।

सिद्धू ने भले ही मुख्यमंत्री पद के लिए अपना नाम नहीं लिया, लेकिन उन्होंने कहा, ‘चुनाव जीतने के लिए मैं झूठ नहीं बोलूंगा, जैसे केजरीवाल बोल रहे हैं। पंजाब का कुल बजट 1.40 लाख करोड़ रूपये का है, जबकि केजरीवाल एक लाख 10 हजार करोड़ रूपये की घोषणाएं कर चुके हैं। घोषणाओं को होड़ लगी हुई है, लेकिन समस्याओं का समाधान आर्थिक स्थिति से ही होना है। केजरीवाल दिल्ली माडल की बात करते हैं, महिलाओं को एक हजार रूपये देने की घोषणा करते हैं। उन्होंने दिल्ली में ऐसा क्यों नहीं किया। केजरीवाल ने जब 2013 में दिल्ली की सरकार संभाली, तो सात हजार सरकारी शिक्षकों के पद खाली थे, आज 19 हजार हैं। पंजाब के किसानों ने पूरे देश को किसानी सिखाई, आज दिल्ली का एक व्यक्ति पंजाबियों को सिखाएगा।

पंजाब में नकली केजरीवाल नहीं, नकली सिद्धू घूम रहा

सिद्धू ने कहा, केजरीवाल कहते हैं कि पंजाब में नकली केजरीवाल घूम रहा है। मैं कहता हूं, पंजाब में नकली नवजोत सिंह सिद्धू घूम रहा है। किसी का नाम लिए बिना सिद्धू ने कहा, बोर्डो पर फोटो लगाने से चुनाव नहीं जीता जाता। बेअदबी का इंसाफ कोर्ट नहीं, लोगों ने करना है। सिद्धू ने कहा, बेअदबी का इंसाफ कोर्ट ने नहीं बल्कि लोगों ने करना है। कोर्ट तो वहीं इंसाफ करेगा, जो साक्ष्य उसके सामने पेश किए जाएंगे। असली इंसाफ तो लोगों की अदालत में ही होगा।


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