ट्विटर को दिल्ली हाईकोर्ट से झटका, ‘सरकार चाहे तो कर सकती है कार्रवाई

बंबई हाईकोर्ट का आदेश - व्यक्ति के धन पर केवल पहली पत्नी को दावा करने का अधिकार
Share

नई दिल्ली (एजेंसी)। ट्विटर को दिल्ली हाई कोर्ट से करारा झटका लगा है। ट्विटर को कोर्ट ने किसी भी तरीके से राहत देने से मना कर दिया है। ट्विटर से हाई कोर्ट से परमानेंट ग्रीवांस अफसर की नियुक्ति के लिए 8 सप्ताह का समय मांगा था। साथ ही हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा है कि ट्वीटर को अंतरिम संरक्षण नहीं दिया गया है, इसीलिए सरकार चाहे तो कानून के मुताबिक कार्रवाई कर सकती है। यदि किसी नियम का उल्लंघन होता हुआ मिले।

बता दें कि ट्वीटर ने हाई कोर्ट में दावा किया कि उसने अंतरिम अधिकारी (आरजीओ) की नियुक्ति कर दी है, पर स्थाई के लिए कुछ समय चाहिए। उसने कहा कि वह नियमों का पूरी तरह पालन करेगा। इससे पहले ट्विटर से हाई कोर्ट में हलफनामा दायर कर परमानेंट ग्रीवन्स अफसर की नियुक्ति के लिए हाई कोर्ट से 8 सप्ताह का समय मांगा था और कहा था कि वो अपना स्थायी दफ्तर भी यहां बताएंगे। लेकिन, हाई कोर्ट ने 8 सप्ताह का समय देने से मना कर दिया। इसके अलावा हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहाकि अगर वो चाहे तो ट्विटर के हलफनामे पर अगले 3-4 दिनों में जवाब दायर कर सकते है। अगली सुनवाई 28 जुलाई को होगी।

हाई कोर्ट की जस्टिस रेखा पल्ली ने कहा, आपकी प्रक्रिया में आखिर कितना लंबा समय लगेगा? यदि ट्विटर यह सोचता है कि वह यहां पर मनमाना समय ले सकता है तो फिर उसे ऐसा नहीं करने दिया जाएगा। बता दें कि पिछले महीने ही ट्विटर के भारत में अंतरिम शिकायत अधिकारी धर्मेंद्र चतुर ने इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद ट्विटर की ओर से भारत में जेरेमी केरस को नियुक्त किया गया है। हालांकि भारत सरकार की ओर से तय किए गए नए नियमों के मुताबिक इस रोल में भारत के ही किसी नागरिक को रखा जा सकता है।


Share