शिवसेना के नए नेता बने शिंदे, बागी गुट ने पुरानी कार्यकारिणी भंग की, लेकिन उद्धव को पार्टी प्रमुख के पद से नहीं हटाया

CM Shinde warns, 'Pakistan will not tolerate Zindabad' on Shivaji's soil.
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मुंबई (कार्यालय संवाददाता)। महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री की कुर्सी के बाद अब पार्टी (शिवसेना) पर घमासान तेज हो गया है। बागी गुट के नेता एकनाथ शिंदे ने सोमवार को अपने समर्थक विधायकों के साथ बैठक की, जिसमें पार्टी की पुरानी राष्ट्रीय कार्यकारिणी भंग कर दी गई। शिंदे गुट ने इसके साथ ही नई कार्यकारिणी का ऐलान भी कर दिया।

इसमें मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को शिवसेना का नया नेता चुन लिया गया है। खास बात यह है कि शिवसेना ने पार्टी प्रमुख के पद को नहीं हटाया है। यानी उद्धव ठाकरे का पद जस का तस रखा गया है।

दीपक केसरकर को प्रवक्ता चुना गया

नई कार्यकारिणी में दीपक केसरकर को प्रवक्ता चुना गया है, जबकि रामदास कदम और आनंदराव अडसुल को नेता चुना गया है। यशवंत जाधव, गुलाबराव पाटिल, उदय सामंत, शरद पोंकशे, तानाजी सावंत, विजय नाहटा, शिवाजीराव अधराव पाटिल को उपनेता चुना गया है।

उद्धव गुट ने दो नेताओं को पार्टी से निकाला

इधर, पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में उद्धव ठाकरे गुट ने वरिष्ठ नेता रामदास कदम और पूर्व सांसद आनंदराव अडसुल को शिवसेना से निकाल दिया है। शिवसेना सांसद विनायक राउत ने इसकी जानकारी दी। बता दें कि आज शिंदे गुट की हुई मीटिंग में दोनों नेता शामिल हुए थे जिसके बाद यह कार्रवाई की गई है।

शिवसेना के कई सांसद शिंदे गुट की बैठक में हुए शामिल

इसके अलावा सूत्रों के हवाले से ये भी खबर है कि मुंबई के ट्राइडेंट होटल में शिवसेना शिंदे गुट की बैठक में शिवसेना के 13-14 सांसद ऑनलाइन उपस्थित हुए थे। पहले ही शिवसेना के 55 विधायक दो गुटों में बंट गए हैं। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले खेमे को 40 विधायकों का समर्थन प्राप्त है, जबकि 15 विधायक पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे के साथ हैं। वहीं अब शिंदे गुट ने 12-14 सांसदों के साथ आने का दावा किया है।


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