बड़ी शांति से शर्मा की भाजपा में ‘सनसनीखेज इंट्री’

बड़ी शांति से शर्मा की भाजपा में 'सनसनीखेज इंट्री'
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मोदी के भरोसेमंद सेवानिवृत्त आईएएस अफसर को उ. प्र. अध्यक्ष ने दिलाई सदस्यता

उ.प्र. सरकार में मिल सकती है महती भूमिका, मंत्री पद की भी है चर्चा

लखनऊ (एजेंसी)। 1988 बैच (गुजरात कैडर) के सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी अरङ्क्षवद कुमार शर्मा गुरूवार को भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विश्वनीय शर्मा ने पार्टी में शांति से, लेकिन ‘सनसनीखेज इंट्री’ की है। भाजपा की प्राथमिक सदस्यता के साथ ही कयासों में उनके लिए सरकार की बड़ी कुर्सी तलाशी जा रही है। लखनऊ में प्रदेश मुख्यालय में शर्मा ने सदस्यता ग्रहण करने के बाद नेतृत्व का आभार जताते हुए कहा कि पार्टी जो जिम्मेदारी देगी, उसे गंभीरता व निष्ठा से निभाएंगे।

शर्मा ने जिस तरह अपनी राजनीतिक पारी की शुरूआत की है, उससे अटकलों का माहौल गर्म है। मोदी के भरोसेमंद होने के कारण उनका अचानक राजनीति में आना महत्वपूर्ण माना जा रहा है। स्थानीय भाजपा नेता कुछ कहने से बच रहे हैं, लेकिन उनकी अहमियत कम करके नहीं आंकी जा रही। गौर करने लायक है कि इससे पहले भी कई नौकरशाह भाजपा में आए, लेकिन ऐसा कौतुहल नहीं बना। यहां शर्मा को विधान परिषद भेजा जाना तय है।

गृहमंत्री का पद मिलने की चर्चा : उन्हें उपमुख्यमंत्री बनाए जाने के कयास तो सेवानिवृत्ति वाले दिन से ही लगाए जा रहे हैं, लेकिन सूत्रों का कहना है कि उन्हें गृहमंत्री बनाया जा सकता है। तकरीबन तीन दशक पहले तक कांग्रेस की सरकार में ही गृहमंत्री अलग से बनाए गए। उसके बाद बसपा, सपा और भाजपा की सरकारों में गृह विभाग, मुख्यमंत्री ने अपने पास ही रखा है। प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह ने दौरान शर्मा का स्वागत करते हुए कहा कि उनकी कार्यक्षमता व कर्मठता से पार्टी को नई दिशा व गति मिलेगी। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री डा. दिनेश शर्मा सहित अन्य प्रदेश पदाधिकारी उपस्थित थे।

दो दशक से मोदी के विश्वासपात्र : मऊ जिले के काझाखुर्द गांव में जन्मे अरङ्क्षवद शर्मा के पिता शिवमूर्ति राय रोडवेज में ट्रैफिक इंस्पेक्टर थे। तीन भाइयों में सबसे बड़े अरङ्क्षवद बचपन से मेधावी थे। शुरूआती शिक्षा गांव के प्राथमिक विद्यालय में ही लेने के बाद उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय में एमए राजनीति शास्त्र में सर्वोच्च अंक प्राप्त किए। यहीं से पीएचडी करने के बाद उनका चयन 1988 में गुजरात कैडर में भारतीय प्रशासनिक सेवा में हो गया। 2001 में जब गुजरात में नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री की कुर्सी संभाली तो अरङ्क्षवद उनके सचिव बने। 2014 में जब मोदी प्रधानमंत्री बने तो उनको पीएमओ में संयुक्त सचिव की जिम्मेदारी दी गई। विभिन्न पदों पर रहते हुए शर्मा ने गत 11 जनवरी को सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्रलय के सचिव पद पर रहते हुए स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली।

मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलें : योगी मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलें विधानसभा उपचुनाव व विधान परिषद चुनाव के बाद से जोर पकड़े हैं। पिछले दिनों प्रधानमंत्री मोदी से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अकेले में मुलाकात ने मंत्रिमंडल में फेरबदल की चर्चाओं को और बल दिया है। मंत्रिमंडल में 60 मंत्री हो सकते हैं और वर्तमान में 54 मंत्री हैं यानी अभी विस्तार की संभावनाएं बरकरार हैं। ऐसे में फरवरी में कुछ नए चेहरों को मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है।


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