शेन वॉर्न ने राजस्थान को दिलाया था आईपीएल का ताज – राजस्थान के ऐसे खिलाडिय़ों को चैंपियन बना दिया

शेन वॉर्न ने राजस्थान को दिलाया था आईपीएल का ताज - राजस्थान के ऐसे खिलाडिय़ों को चैंपियन बना दिया
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जयपुर (कार्यालय संवाददाता)। ‘जीत को सिर पर नहीं चढ़ाओ, हार पर ज्यादा निराश भी न होÓ ऐसा कहने वाला स्टार क्रिकेटर शेन वॉर्न का 52 साल की उम्र में शुक्रवार को निधन हो गया। फॉक्स स्पोर्ट्स न्यूज के मुताबिक, वॉर्न थाईलैंड के कोह सामुई में थे। माना जा रहा है कि उन्हें दिल का दौरा पड़ा था। वॉर्न की मैनेजमेंट टीम की तरफ से जारी बयान के मुताबिक, कोह सामुई के एक विला में शेन बेहोश पाए गए थे। बाद में उन्हें बचाया नहीं जा सका।

शेन वार्न टेस्ट क्रिकेट में ऑस्ट्रेलिया की ओर से सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं। उन्होंने इस फॉर्मेट में 145 टेस्ट मैच में 708 विकेट लिए हैं। वनडे में उन्होंने 293 विकेट लिए। वहीं भारत से वार्न का खास नाता रहा है। 2008 में आईपीएल के पहले संस्करण में वॉर्न राजस्थान रॉयल्स के पहले कप्तान थे। उन्हीं की कप्तानी में राजस्थान ने पहले बार आईपीएल का खिताब जीता था।

क्रिकेट के लिए बहुत बड़ी क्षति- पंकज सिंह

शेन वॉर्न के साथ राजस्थान रॉयल्स टीम का हिस्सा रहे पंकज सिंह ने कहा कि जिस तरह से वह अपने खेल और डिसीजन से लोगों को चकित करते थे। आज उसी तरह उन्होंने दुनिया छोड़कर हम सब को परेशान कर दिया है। उनका जाना न सिर्फ हम सबके लिए, बल्कि उभरते क्रिकेटर के लिए भी एक बड़ी क्षति है। वह लगातार नए क्रिकेटर्स को मौका देने के साथ उन्हें खेल की बारीकियां भी सिखा रहे थे।

क्वालिटी पर विश्वास करते थे – याग्निक

शेन वॉर्न की कप्तानी में राजस्थान रॉयल्स के लिए खेले विकेट कीपर दिशांत याग्निक ने कहा कि मुझे अब भी विश्वास नहीं हो रहा वह अब इस दुनिया में नहीं रहे। उनके साथ मैंने न सिर्फ क्रिकेट बल्कि जिंदगी के भी कई पहलुओं को बारीकी से समझा था। वॉर्न सिर्फ कप्तान ही नहीं, बड़े भाई की तरह हमें गाइड करते थे। उनका साफ कहना था कि 2 घंटे प्रैक्टिस करो, लेकिन ऐसी करो जैसे 7 घंटे की हो। इसी तरह वे ये भी चाहते थे कि जो कुछ करना है मैच में 3 घंटे के अंदर-अंदर करो, ऐसा जैसे आपकी जिंदगी के ये 3 घंटे आपके लिए सबसे महत्वपूर्ण हैं। याग्निक ने बताया कि वे मीटिंग में भी हर खिलाड़ी को अपने बात रखने का मौका देते थे। अगर कोई खिलाड़ी अंग्रेजी नहीं बोल पाता था तो उसे हिंदी में अपनी बात रखने के लिए कहते थे। बोलते थे- हम बाहर से आए हैं। आप इंडियन प्रीमियर लीग में खेल रहे हो। हिंदी में ही सही, अपनी बात रखो। कोई ट्रांसलेट करके मुझे बता देगा। वॉर्न के नाम श्रीलंका के मुथैया मुरलीधरन के बाद सबसे ज्यादा विकेट लेने का रिकॉर्ड है। उन्होंने 1992 से 2007 तक 145 टेस्ट मैच खेले थे। मुरलीधरन ने टेस्ट में 800 विकेट लिए थे। 1993 से 2005 तक उन्होंने 194 वनडे में 293 विकेट लिए। 1999 क्रिकेट विश्व कप की विजेता ऑस्ट्रेलियाई टीम में उनका अहम योगदान था।


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