असम के सीमा वाले इलाकों में बढ़ाई जाएगी सुरक्षा – हिमंता शर्मा बोले- खड़ी करेंगे 3 कमांडो बटालियन

तीन सालों शहीद हुए आईटीबीपी के 244 और सीआरपीएफ के 119 जवान
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गुवाहाटी (एजेंसी)। असम-मिजोरम सीमा पर हुई झड़प में 6 जवानों की मौत के बाद हालात तनावपूर्ण हैं। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व शर्मा ने सीमा वाले इलाकों की सुरक्षा बढ़ाने का फैसला किया है। इसके लिए तीन जिलों में कमांडो बटालियन तैनात की जाएगी। हिमंता ने बताया कि असम सरकार करीमगंज, काछर और हैलाकांडी में 3 कमांडो बटालियन खड़ी करेगी जिसके लिए 3,000 जवानों की भर्ती होगी।

इसके अलावा सीआरपीएफ ने भी असम और मिजोरम के बीच लैलापुर-वैरेंगटे विवादित स्थल पर दो कंपनियां तैनात की हैं। असम में सीआरपीएफ की 119 बटालियन और मिजोरम में 225 बटालियन लगाई गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इन 2 अलग-अलग बटालियनों से सीआरपीएफ की कंपनियां असम और मिजोरम में पहले से ही तैनात थीं लेकिन अब उनकी सक्रियता बढ़ा दी गई है।

‘मिजोरम के सीएम ने बोला सॉरी’

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व शर्मा ने मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा था कि मिजोरम के सीएम जोरामथांगा ने उनसे माफी मांगी। हिमंता ने आरोप लगाया कि मिजोरम रिजर्व फॉरेस्ट इलाके में कब्जा करने की कोशिश कर रहा है जिसे वह नहीं होने देंगे। साथ ही उन्होंने शहीद पुलिसकर्मियों के परिजनों को 50 लाख की आर्थिक मदद की घोषणा की।

‘कोई हमारी जमीन का एक इंच नहीं ले सकता’

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हिमंता बिस्व शर्मा ने कहा, जब फायरिंग हो रही थी, मैंने मिजोरम के मुख्यमंत्री को छह बार कॉल किया। उन्होंने सॉरी कहा और मुझे बातचीत के लिए आइजोल बुलाया। कोई भी हमारी जमीन का एक इंच नहीं ले सकता है। हम अपने क्षेत्र को सुरक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। बॉर्डर पर पुलिस तैनात है।

खूनी झड़प में 6 की मौत

असम और मिजोरम के बीच सीमा विवाद सोमवार को अचानक खूनी संघर्ष में तब्दील हो गया। इसमें कम से कम 6 लोगों की मौत हो गई और एक पुलिस अधीक्षक समेत 60 अन्य घायल हो गए। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस संबंध में असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा और मिजोरम के मुख्यमंत्री जोरामथांगा से बातचीत की और विवादित सीमा पर शांति सुनिश्चित करने की उनसे अपील की।


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