सीकर व जयपुर के बस्सी में सील खुला पेपर- अलवर में नकल पर हंगामा: अजमेर-बीकानेर में पकड़ा

सीकर व जयपुर के बस्सी में सील खुला पेपर- अलवर में नकल पर हंगामा: अजमेर-बीकानेर में पकड़ा
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रीट के सेकंड लेवल के पेपर में कई जगह हंगामे, नकल और सील खुला पेपर देने की जानकारी सामने आ रही है। अलवर में बहरोड़ क्षेत्र के कमला देवी स्कूल में नकल को लेकर बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने हंगामा कर दिया। असल में ठीक दस बजे तक सभी को कक्ष में बैठा दिया गया था। एक कक्ष में बैठे अभ्यर्थियों ने बताया कि उन्हें 11 बजे तक पेपर नहीं दिया गया। जब इनमें से दो अभ्यर्थी टॉयलेट के लिए गए तो एक कमरे में किताबों के साथ नकल कराई जा रही थी। इन दोनों ने यह बात अपने कक्ष के अन्य साथियों को बताई तो वे सभी बाहर निकले और जमकर हंगामा किया। जिस कमरे में नकल कराई जा रही थी, उसमें 20 से ज्यादा स्टूडेंट थे। इसके बाद कई स्टूडेंट्स उनकी ओएमआर शीट लेकर बाहर आ गए। पेपर की अवधि पूरी होने से पहले ही करीब डेढ़ घंटा पहले ही पेपर और शीट्स के बाहर आने के बाद कलेक्टर व एसपी मौके पर पहुंचे।

अब इस सेंटर पर लेवल-1 का पेपर चल रहा है, लेकिन लेवल-2 का सुबह हुआ पेपर फिर से हो सकता है। हालांकि कलेक्टर का कहना है कि जो बच्चे पढ़कर नहीं आए, उन्होंने बेवजह माहौल खराब किया है। सीकर के लोसल और जयपुर के बस्सी में भी पेपर लेट दिए गए। लोसल के शेखावाटी स्कूल में पेपर लेट दिया और वह भी खुला हुआ, जबकि ओएमआर शीट पहले ही दे दी गई। नियमों के मुताबिक पेपर पर सील लगी होना चाहिए। बस्सी के तिलक पीजी कॉलेज में भी पेपर एक घंटा लेट दिया गया। सील खुली थी। हंगामा हुआ तो पुलिस मौके पर पहुंची। अजमेर के राजकीय कन्या महाविद्यालय (सावित्री कॉलेज) में परीक्षा की पहली पारी समाप्त होने पर अभ्यर्थियों ने बाहर निकल कर हंगामा किया। उनका कहना था कि पेपर के दौरान कक्ष में घड़ी नहीं थी, इसलिए अंदाजा नहीं लग पाया कि कब ढाई घंटे हो गए। इसके कारण वे ओएमआर शीट पूरी नहीं भर पाए। अजमेर के राजकीय कन्या महाविद्यालय (सावित्री कॉलेज) में परीक्षा की पहली पारी समाप्त होने पर अभ्यर्थियों ने बाहर निकल कर हंगामा किया।

उनका कहना था कि पेपर के दौरान कक्ष में घड़ी नहीं थी, इसलिए अंदाजा नहीं लग पाया कि कब ढाई घंटे हो गए। इसके कारण वे ओएमआर शीट पूरी नहीं भर पाए।

बांसवाड़ा में कलेक्टर के दखल के बाद 10:30 बजे 11 महिला अभ्यर्थियों को एंट्री

नियत समय पर बांसवाड़ा के भारतीय विद्या मंदिर सेंटर पर पहुंचीं 11 महिला अभ्यर्थियों को आधार कार्ड और प्रवेश पत्र में अभिभावक का नाम अलग-अलग होने पर केंद्र से बाहर निकाल दिया गया। आधार कार्ड में पति का नाम था और प्रवेश पत्र में पिता का। ऐसे में वे बाहर निकली तो रोने लगी। जिला प्रमुख मौके पर पहुंचे, कलेक्टर से बात की, इसके बाद कलेक्टर ने दखल देकर सभी को पुन: प्रवेश कराया, लेकिन तब तक परीक्षा शुरू हुए 30 मिनट निकल चुके थे।


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