राम मंदिर निर्माण में योगदान देने वाले 12.70 करोड़ परिवारों से संपर्क करेगा संघ

एक मुस्लिम महिला ने अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए दान किया
Share

नई दिल्ली (एजेंसी)। अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण के लिए देश के लगभग 12.70 करोड़ परिवारों ने आर्थिक योगदान दिया है। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) का मानना है कि राम मंदिर निर्माण के लिए एक भी रूपये का योगदान देने वाला परिवार या व्यक्ति किसी न किसी रूप में हिंदुत्व की विचारधारा से प्रभावित है। इसीलिए संघ इन परिवारों और लोगों के बीच अपने वैचारिक विस्तार की संभावनाएं देख रहा है। जल्दी ही संघ एक अभियान चलाकर इन परिवारों से संपर्क कर उन्हें किसी न किसी रूप में अपने साथ जोडऩे की कोशिश करेगा।

संघ की चित्रकूट बैठक में इसकी रूपरेखा बना ली गई है। संघ के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने बताया कि संघ यह मानकर चल रहा है कि राम मंदिर निर्माण के लिए योगदान देने वाला हर व्यक्ति हिंदुत्व की विचारधारा से सहमत है। संघ का मानना है कि राम मंदिर के लिए चंदा देने वाले परिवार की हिंदुत्व की परिकल्पना संघ की हिंदुत्व की परिकल्पना से थोड़ी भिन्न अवश्य हो सकती है, लेकिन उसमें वैचारिक समानता जरूर खोजी जा सकती है। इस वैचारिक साम्यता को एक स्वरूप प्रदान करते हुए संघ इन परिवारों को अपने साथ जोडऩे के लिए काम करेगा।

कितने रामभक्तों ने दिया योगदान

विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने बताया कि 3 अप्रैल 2021 तक अयोध्या में भगवान राम के मंदिर निर्माण के लिए लगभग 3500 करोड़ की समर्पण निधि (चंदा) एकत्र हो चुकी है। देश के 6.73 लाख गांवों में से 5.37 लाख गांवों तक पहुंचकर विहिप कार्यकर्ताओं ने समर्पण अभियान को आगे बढ़ाया।

15 जनवरी से 27 फरवरी 2021 तक चले इस समर्पण अभियान में विहिप ने देश के 12.70 करोड़ परिवारों तक पहुंच बनाई और चंदा एकत्र किया। इन परिवारों के 65 करोड़ लोगों ने इस अभियान में अपना योगदान दिया। इस अभियान में विहिप के 20.21 लाख कार्यकर्ताओं ने भाग लिया, जिसमें 1.87 लाख महिलाएं भी शामिल रहीं। इसके लिए विहिप कार्यकर्ताओं की 1.75 लाख टोलियां बनाई गई थीं।

100 रूपये के 7.10 करोड़ कूपन काटे गए

समर्पण अभियान में सबसे ज्यादा 100 रूपये मूल्य के 7.10 करोड़ कूपन काटे गए। इसके अलावा 10 रूपये मूल्य के 4.5 करोड़ कूपन और 1000 रूपये मूल्य के 80 लाख कूपन काटे गए। इसके अलावा 30 लाख कूपन अलग-अलग मूल्य के काटे गए।


Share