5 लाख की रिश्वत लेते आरएसएलडीसी के मैनेजर और कोऑर्डिनेटर को पकड़ा

भीलवाड़ा जिले के मांडलगढ़ में एसीबी ने पकड़े दो रिश्वतखोर पकड़े - 4.20 लाख की रिश्वत लेते गिरफ्तार
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जयपुर (कार्यालय संवाददाता)। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने शनिवार को राजस्थान कौशल एवं आजीविका विकास निगम ( आरएसएलडीसी) के मैनेजर राहुल कुमार गर्ग कोर्डिनेटर अशोक सांगवान को 5 लाख रूपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। साथ ही दो अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया। टीम दोनों अधिकारियों के घरों पर भी सर्च कर रही है। दोनों ने डेढ़ करोड़ रूपए के बिल पास कराने, ब्लैक लिस्ट से हटाने, बैंक गारंटी, एक्सटेंशन देने के एवज में 5 लाख रुपए मांगे थे।

कार्रवाई के दौरान एसीबी ने चेयरमैन नीरज के. पवन (आईएएस) और मैनेजर सहित 9 अधिकारियों के कमरे सील कर दिए हैं। साथ ही मुख्य प्रबंधक आरएलडीसी आईएएस प्रदीप गवंडे और चेयरमैन नीरज कुमार पवन का मोबाइल भी जब्त कर लिया है।

बताया जा रहा है कि एसीबी मुख्यालय को कौशल विकास की ट्रेनिंग कोर्स में भ्रष्टाचार फैलाने की शिकायत प्राप्त हुई थी जिस पर एसीबी ने आरएसएलडीसी के अधिकारियों और कर्मचारियों पर सर्विलांस रखना शुरू कर दिया।

एसीबी के डीजी भगवानलाल सोनी ने बताया कि स्पेशल यूनिट को शिकायत मिली कि एक फर्म ने प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना तथा दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल विकास योजना में कार्य किया था। स्कीम कोर्डिनेटर अशोक सांगवान व प्रबंधक राहुल कुमार गर्ग उससे डेढ़ करोड़ रुपए के बिल, ब्लैक लिस्ट से हटाने, जवाब देने के लिए एक्सटेंशन, बैंक गारंटी जब्त नहीं करने के लिए 5-6 लाख रुपए रिश्वत मांग रहे हैं और शनिवार को यह 5 लाख रूपए की रिश्वत राशि लेने वाले हैं।

इसके बाद एसीबी के एएसपी पुष्पेंद्र सिंह राठौड़ ने ट्रैप की योजना बनाई। डीएसपी मांगीलाल व इंस्पेक्टर सुभाष मील ने 5 लाख लेते हुए अशेाक सांगवान पुत्र काशीराम जाट निवासी सरदार शहर चूरू हाल किराएदार इंद्रा गा्रंधी नगर, जयपुर व राहुल कुमार गर्ग पुत्र रमेशचंद्र गर्ग निवासी पंचवटी कॉलोनी, गुर्जर की थड़ी, जयपुर को गिरफ्तार कर लिया। राहुल कुमार प्रतिनियुक्ति पर प्रबंधक के पद पर आरएलडीसी जयपुर में लगा हुआ है। एसीबी ने चेयरमैन आरएलडीसी आईएएस नीरज कुमार पवन व मुख्य प्रबंधक आरएलडीसी आईएएस प्रदीप कुमार गवंडे के मोबाइल फोन भी जब्त कर लिए हैं। 5 लाख रुपए लेने के मामले में दोनों की भूमिका की भी जांच हो रही है।

जयपुर (कार्यालय संवाददाता)। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने शनिवार को राजस्थान कौशल एवं आजीविका विकास निगम ( आरएसएलडीसी) के मैनेजर राहुल कुमार गर्ग कोर्डिनेटर अशोक सांगवान को 5 लाख रूपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। साथ ही दो अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया। टीम दोनों अधिकारियों के घरों पर भी सर्च कर रही है। दोनों ने डेढ़ करोड़ रूपए के बिल पास कराने, ब्लैक लिस्ट से हटाने, बैंक गारंटी, एक्सटेंशन देने के एवज में 5 लाख रुपए मांगे थे।

कार्रवाई के दौरान एसीबी ने चेयरमैन नीरज के. पवन (आईएएस) और मैनेजर सहित 9 अधिकारियों के कमरे सील कर दिए हैं। साथ ही मुख्य प्रबंधक आरएलडीसी आईएएस प्रदीप गवंडे और चेयरमैन नीरज कुमार पवन का मोबाइल भी जब्त कर लिया है।

बताया जा रहा है कि एसीबी मुख्यालय को कौशल विकास की ट्रेनिंग कोर्स में भ्रष्टाचार फैलाने की शिकायत प्राप्त हुई थी जिस पर एसीबी ने आरएसएलडीसी के अधिकारियों और कर्मचारियों पर सर्विलांस रखना शुरू कर दिया।

एसीबी के डीजी भगवानलाल सोनी ने बताया कि स्पेशल यूनिट को शिकायत मिली कि एक फर्म ने प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना तथा दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल विकास योजना में कार्य किया था। स्कीम कोर्डिनेटर अशोक सांगवान व प्रबंधक राहुल कुमार गर्ग उससे डेढ़ करोड़ रुपए के बिल, ब्लैक लिस्ट से हटाने, जवाब देने के लिए एक्सटेंशन, बैंक गारंटी जब्त नहीं करने के लिए 5-6 लाख रुपए रिश्वत मांग रहे हैं और शनिवार को यह 5 लाख रूपए की रिश्वत राशि लेने वाले हैं।

इसके बाद एसीबी के एएसपी पुष्पेंद्र सिंह राठौड़ ने ट्रैप की योजना बनाई। डीएसपी मांगीलाल व इंस्पेक्टर सुभाष मील ने 5 लाख लेते हुए अशेाक सांगवान पुत्र काशीराम जाट निवासी सरदार शहर चूरू हाल किराएदार इंद्रा गा्रंधी नगर, जयपुर व राहुल कुमार गर्ग पुत्र रमेशचंद्र गर्ग निवासी पंचवटी कॉलोनी, गुर्जर की थड़ी, जयपुर को गिरफ्तार कर लिया। राहुल कुमार प्रतिनियुक्ति पर प्रबंधक के पद पर आरएलडीसी जयपुर में लगा हुआ है। एसीबी ने चेयरमैन आरएलडीसी आईएएस नीरज कुमार पवन व मुख्य प्रबंधक आरएलडीसी आईएएस प्रदीप कुमार गवंडे के मोबाइल फोन भी जब्त कर लिए हैं। 5 लाख रुपए लेने के मामले में दोनों की भूमिका की भी जांच हो रही है।

आईएएस नीरज के. पवन, प्रदीप गवंडे के मोबाइल जब्त- 9 अधिकारियों के कमरे सील

बिल पास करने, ब्लैक लिस्ट में से नाम हटाने को मांगी रिश्वत

एसीबी की जयपुर इकाई को परिवादी ने शिकायत दी थी कि उसकी फर्म ने प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना और दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल विकास योजना में अनेक काम किए हैं। उन कामों के 1.50 करोड रुपए के बिल पेंडिंग हैं। परिवादी के बिल पास करने, फर्म को ब्लैक लिस्ट से हटाने, एक्सटेंशन एवं बैंक गारंटी जप्त नहीं करने की एवज में आरएसएलडीसी के स्कीम कोर्डिनेटर अशोक सांगवान और आरएसएलडीसी के प्रबंधक राहुल कुमार गर्ग ने 5 लाख रुपए की रिश्वत की मांग की। परिवादी की शिकायत के सत्यापन के बाद एसीबी टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया।

एसीबी की टीम कर रही 5 स्थानों पर सर्च : ट्रैप की कार्रवाई को अंजाम देने के बाद एसीबी की विभिन्न टीमें आरोपियों के 5 अलग-अलग ठिकानों पर सर्च की कार्रवाई को अंजाम दे रही हैं. वहीं इस पूरे प्रकरण में आरएसएलडीसी के चेयरमैन नीरज के पवन और मुख्य प्रबंधक प्रदीप कुमार गवंड़े की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है। जिसके चलते दोनों आईएएस अधिकारियों के मोबाइल फोन सीज किए गए हैं।


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