राजस्थान में राइट टू हेल्थ बिल जल्द, सीएम बोले : बिल को दिया जा रहा है अंतिम रूप

Right to Health Bill in Rajasthan soon, CM said: Bill is being finalized
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जयपुर (कार्यालय संवाददाता)। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि राइट टू हेल्थ बिल की दिशा में उनकी सरकार तेजी से आगे बढ़ रही है। जल्द ही बिल को अंतिम रूप दिया जाएगा। बिल में मरीजों के लिए सभी आवश्यक प्रावधान शामिल किए गए है। सीएम गहलोत ने रविवार को मुख्यमंत्री निवास पर चिकित्सा विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को बिल को अंतिम रूप देने के निर्देश दिए। सीएम गहलोत ने अधिकारियों को निशुल्क ओपीडी एवं आईपीडी योजना सरकार की अभिनव पहल है और इसे सफल बनाने के लिए चिकित्साकर्मी सेवा भाव से जुटे।

राइट टू हेल्थ में हर नागरिक को फ्री इलाज

राइट टू हेल्थ में हर नागरिक को इलाज फ्री मिले, इसकी व्यवस्था होगी। यह व्यवस्था यूनिर्वसल हेल्थ कवरेज के जरिए होगी। प्र.म. आयुष्मान भारत योजना में अभी केवल खाद्य सुरक्षा में पात्र और बीपीएल कैटेगरी वालों की मुफ्त इलाज की सुविधा मिलती हैं राइट टू हेल्थ बिल में हर नागरिक को चाहे वह किसी भी श्रेणी को हो उसका इलाज के लिए स्वास्थ्य बीमा होगा।

निशुल्क दवाओं की उपलब्धता रखने के निर्देश

सीएम गहलोत ने कहा कि मुख्यमंत्री निशुल्क रोगी निरोगी राजस्थान योजना 1 अप्रैल से ट्रायल रन के रूप में शुरू की गई थी। इसके चलते अस्पतालों में रोगियों की संख्या में बढ़ोतरी होना स्वाभाविक है। मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अधिकारी अस्पतालों में निशुल्क दवाओं एवं जांच सुविधाओं की पर्याप्त उपलब्धता रखे। इसके लिए आवश्यकतानुसार संसाधनों की उपलब्धता बढ़ाए। गहलोत ने कहा कि हमारी पिछली सरकार के समय  मुख्यमंत्री निशुल्क दवा एव जांच योजना लागू की गई  थी।  इस बारे में हमने हर परिवार को इलाज से चिंता मुक्त करने के लिए मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा जैसी योजना शुरू की है। बजट में योजना का दायरा बढ़ाते हुए प्रति परिवार का बीमा 5 लाख से बढ़ाकर 10 लाख रूपये कर दिया गया।

नर्सिंगकर्मियों का मिलेगा सम्मान : सीएम ने कहा कि कोविड महामारी में अपनी जान पर खेलकर लोगों की जान बचाने वाले नर्सिंग कर्मियों के सम्मान में राज्य सरकार कोई कमी नहीं छोड़ेगी। बैठक में स्वास्थ्य मंत्री परसादी लाल मीणा ने कहा कि अस्पतालों को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार लगातार निर्णय ले रही है। मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत लाभार्थियों की सुविधा और निशुल्क उपचार में सहायता के लिए योजना से जुड़े निजी अस्पतालों में हैल्प डेस्क स्थापित किए गए है। सुविधाओं को मजबूत करने के लिए स्वास्थ्य विभाग लगातार काम कर रहा है।


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