राजस्थान को शर्मसार कर देने वाली एक और वारदात का खुलासा

राजस्थान को शर्मसार कर देने वाली एक और वारदात का खुलासा
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जयपुर (कार्यालय संवाददाता)। उत्तर प्रदेश में सोशल मीडिया पर वायरल हुए चलती कार में गैंग का एक वीडियो 5 माह पुराना एवं जयपुर का निकला। जयपुर कमिश्नरेट पुलिस के सामने वीडियो सामने आया तो 36 घंटे में उत्तर प्रदेश निवासी पीडि़ता को ढूंढ निकाला और उसे जयपुर बुलाकर मामला दर्ज किया। पीडि़ता ने वीडियो 16 माह पुराना बताया और गैंग रेप करने वालों से डरकर चुपचाप अपने घर लौट गई। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल करने वाले तीन आरोपियों को जयपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। सोमवार को एडिशनल पुलिस कमिश्नर अजयपाल लांबा ने बताया कि गिरफ्तार अभिषेक, मोंटी और संजू बंगाली है। ये सभी जयपुर में रह रहे है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लखनऊ, इन्दौर व जयपुर शहर में विभिन्न जगहों पर पुलिस टीमें भेजी गई थी। अन्य बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम बाहर भेजी गई है।

आवाज और चेहरों के आधार पर पुलिस पीडि़त युवती तक उत्तरप्रदेश पहुंची

एडिशनल कमिश्नर लांबा ने बताया कि कुछ समय पहले सोशल मीडिया पर एक महिला के साथ गैंगरेप का वीडियो वायरल होने की जानकारी मिली थी। इस वीडियो में महिला एवं एक पुरूष की तस्वीर के अलावा अन्य व्यक्तियों की आवाज थी। वीडियो में चलती कार में पीछे सीट पर बैठा एक युवक पीडि़ता से बलात्कार कर रहा है और उसके बगल में बैठा युवक गला दबाकर पीडि़ता के साथ खींचतान कर रहा है। कार में ही आगे चालक सीट के बराबर में बैठा युवक मोबाइल से वीडियो बना रहा है। बलात्कार करने वाले युवक और युवती का वीडियो में चेहरा साफ दिखाया जा रहा है। जबकि अन्य सवार युवक अभद्र बातचीत कर रहे हैं। भाषा के आधार पर वीडियो जयपुर शहर के आस-पास का होने का दावा किया गया था।

दोस्त ने रुपयों का लालच देकर परिचित को सौंपा, फिर कार में गैंगरेप

पीडि़ता ने बताया कि सोशल मीडिया पर एक युवक से संपर्क हुआ। उक्त युवक ने 19 अक्टूबर 2020 को जयपुर बुलाया। यहां मानसरोवर एक होटल में ठहरी और युवक ने अजमेर रोड पर कैब से बुलाया। वहां बाइक पर बैठाकर अपने साथ ले गया। इसके बाद कार में अपने साथियों के साथ बैठा लिया। तीन कारों में 11 लोग सवार थे। पीडि़ता के साथ कार में बलात्कार किया गया। फिर उसे एक कार से दूसरी कार में बैठाकर बलात्कार किया गया। बाद में उसे छोड़कर आरोपी भाग गए।

उत्तर प्रदेश में वायरल हुआ वीडियो जयपुर कमिश्नरेट पुलिस के पास शुक्रवार रात 8 बजे एक एडवोकेट ने पहुंचाया। इसके बाद पुलिस अधिकारियों ने वीडियो को गहनता से देखा और उसकी बातचीत सुनी। बातचीत जयपुर या फिर आस-पास के युवकों की लगी। तब जयपुर पुलिस कमिश्नर आनंद श्रीवास्तव ने अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर अजयपाल लांबा को वीडियो में शामिल युवक और युवती को तलाशने की जिम्मेदारी सौंपी। अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर अजयपाल लांबा ने जयपुर के आइपीएस प्रदीप मोहन शर्मा, दिंगत आनंद, पारिस देशमुख, हरेन्द्र महावर और अभिजीत सिंह सहित 10 आरपीएस और 50 सीआइ की टीम बनाई। करीब 100 से अधिक अन्य पुलिसकर्मी शामिल किए गए। वीडियो के मुताबिक, वेश्यावृत्ति से जुड़े लोगों के शामिल होने की तस्दीक की गई। पुलिस ने बताया कि मामले में पुलिस ने महिला के बयानों की वीडियोग्राफी की। उसका मेडिकल करवाया गया। पीडि़ता का सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो को साइबर टीम की मदद से रुकवाया।


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