रीट अभ्यर्थियों को राज्य सरकार ने दी राहत – 20- 30 सितंबर तक प्रवेश पत्र दिखा निशुल्क यात्रा कर सकेंगे अभ्यर्थी

कोरोना के कारण बदला परीक्षा कार्यक्रम
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जयपुर (कार्यालय संवाददाता)। प्रदेश की सबसे बड़ी परीक्षा रीट का आयोजन 26 सितम्बर को होने जा रहा है। इस परीक्षा में 31 हजार पदों के लिए 16 लाख से ज्यादा परीक्षार्थियों के शामिल होने की उम्मीद है। ऐसे में परीक्षार्थियों के आवागमन के लिए राजस्थान सरकार ने रोडवेज बसों में निशुल्क यात्रा करने की राहत दी है। जिसके तहत राजस्थान सीमा में 20 सितंबर से 30 सितंबर तक रीट अभ्यार्थी अपना प्रवेश पत्र दिखाकर कहीं भी निशुल्क यात्रा कर सकता है। हालांकि इस दौरान अभ्यार्थी को निशुल्क टिकट लेना अनिवार्य होगा।

रोडवेज बसों के साथ प्राइवेट बसें, टैक्सी और रेल का सहारा

ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट की ओर से यह तैयारी की जा रही है जिसमे राजस्थान रोडवेज की 3500 बसों में रेग्युलर पैसेंजर्स के साथ स्टूडेंट्स सफर करेंगे। प्रदेश में सभी जगहों पर निजी बसों, टैक्सी, कैब और रेल से भी सफर करने की व्यवस्था है। इसके लिए प्रदेश के लिए सभी आरटीओ-डीटीओ को अपने क्षेत्रों में परिवहन व्यवस्था के लिए कंट्रोल रूम बनाने के निर्देश दे दिए गए हैं। 23 सितंबर से कंट्रोल रूम शुरू हो जाएंगे। सभी अधिकारी अपने जिला प्रशासन, रेलवे, राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम के अधिकारियों, टैक्सी, सिटी बस ऑपरेर्ट्स यूनियन ऑपरेटर्स से कॉर्डिनेशन कर के रीट कैंडिडेट्स को दिक्कत आए बिना यात्रा तय करवाएंगे।

ट्रांसपोर्ट कमिश्नर ने अभ्यार्थियों से की अपील

कमिश्नर महेन्द्र सोनी ने रीट अभ्यार्थियों से अपील की है कि सभी के लिए जरूरी संख्या में परिवहन के साधन उपलब्ध हैं। फिर भी परेशानी से बचने के लिए संभव हो तो परीक्षा के दिन से 1-2 दिन पहले और 1-2 दिन बाद में यात्रा करें। ड्राइवर और कंडक्टर की ओर से दी गई जानकारी और सलाह को मानें। बस स्टैंडों पर व्यवस्था संभाल रहे परिवहन कर्मी, पुलिस कर्मियों और दूसरे स्वयंसेवकों के निर्देश मानकर ट्रैफिक व्यवस्था को सफल बनाने में अपना योगदान दें।


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