भारत में 70 साल बाद फिर चीतों का पुनर्वास, प्र.म. मोदी के जन्मदिन पर होगा एतिहासिक आयोजन | चीतों के पिंजरों के ऊपर होगा प्रधानमंत्री का मंच

Rehabilitation of cheetahs in India after 70 years, PM. Historic event will be held on Modi's birthday
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8 चीतों को लेकर 16 को नामीबिया से रवाना होगा स्पेशल प्लेन, जयपुर में होगा लैंड 7 जयपुर से हेलीकॉप्टर में आएंगे कूनो नेशनल पार्क

नई दिल्ली (एजेंसी)। श्योपुर के कूनो नेशनल पार्क  में आमतौर पर यहां वीरानी होती है, इक्का-दुक्का लोग ही दिखते हैं, लेकिन कुछ दिनों से इस नेशनल पार्क के गेट पर अफसरों की गाडिय़ां हर 10 मिनट में भीतर-बाहर हो रही हैं। चीतों के आने से ज्यादा इस बात को लेकर हलचल है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 सितंबर को अपने जन्मदिन पर इन चीतों के पिंजरे खोलेंगे। प्रधानमंत्री स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप के कमांडो की घेराबंदी में रहेंगे। एक बात और है, जो प्रधानमंत्री की सुरक्षा की पूरी गारंटी देती है। वो ये है कि चीते कभी इंसान पर हमला नहीं करते। कूनो नेशनल पार्क के सीसीएफ उत्तम शर्मा कहते हैं कि आज तक दुनिया में एक भी ऐसा मामला नहीं आया है, जिसमें चीतों ने इंसान पर हमला किया हो।

शायद इसी वजह से सुरक्षा एजेंसियों ने देश को चीतों की सौगात देने के लिए इस 744 वर्ग किलोमीटर के जंगल के बीचोबीच प्र.म. मोदी के उतरने पर हामी भर दी है। बाकी उनकी सुरक्षा के जो प्रोटोकॉल हैं, वो तो रहेंगे ही।

एक बात और… 70 साल बाद देश की धरती पर उतरने वाले इन अफ्रीकी चीतों के मौसम से एडजस्ट करने के लिए उन्हें जंगल में छोड़े जाने का यह आयोजन बहुत लिमिटेड लोगों के बीच होगा। उस दौरान सिलेक्टेड वीआईपी, वन विभाग के बड़े अफसर और सुरक्षाकर्मी ही होंगे।

प्र.म. मोदी के मंच की ऊंचाई 10 से 12 फीट होगी। मंच पर प्र.म. के अलावा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय वन मंत्री और मध्यप्रदेश के वन मंत्री होंगे। इसी मंच के ठीक नीचे 6 फीट के पिंजरे में चीते होंगे। मंच से 50 फीट की दूरी पर ऐनक्लोजर में चीतों के लिए बने क्वारैंटाइन सेंटर है।

17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ठीक 12.05 बजे लीवर हैंडल घुमाकर चीते के पिंजरे का गेट खोलेंगे। पिंजरों के स्लाइडिंग गेट होंगे, लीवर घूमते ही ये खुल जाएंगे। कुछ मिनट की चहलकदमी के बाद चीते सामने के क्वारैंटाइन सेंटर में होंगे।

पुली घुमाकर चीतों को छोड़ेंगे प्र.म. मोदी

प्र.म.  के आगमन के दौरान चीतों को जिस केज में रखा जाएगा, उसका गेट साइड की तरफ खुलेगा। प्र.म. पुली को घुमाएंगे तो गेट खुलेगा। चीतों को छोड़े जाने का लाइव प्रसारण होगा। कूनों में दो नर और एक मादा चीतों को प्र.म. मोदी खुद छोड़ेंगे। पुली इलेक्ट्रॉनिक नहीं मैकेनिकल होगी। पहले रिमोट के जरिए चीता छोडऩे की तैयारी थी।

भारत को 12 चीते और मिल सकते हैं

कूनो में चीतों को छोडऩे के लिए आ रहे प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा से उत्साहित वन मंत्री विजय शाह से हमने सवाल किया- कितने चीते आ रहे हैं? उन्होंने कहा- नामीबिया से 8 चीतों को लाने पर सहमति बन गई है। साउथ अफ्रीका की टीम भी कूनो का माहौल देखकर गई है। यदि अगले एक दो दिनों में साउथ अफ्रीका के राष्ट्रपति से मंजूरी मिल गई तो 12 चीते और मिल जाएंगे। हालांकि 8 का आना पक्का है। इसमें 5 नर और 3 मादा होंगे। सब अलग-अलग पिंजरों में जाएंगे। कूनो आने के बाद भी नर और मादा चीतों को अलग-अलग ही रखा जाएगा। दो नर चीते एक साथ रखे जाएंगे, लेकिन मादा चीता क्वारैंटाइन सेंटर में एक ही रहेगी।

जयपुर लैंड होगा चीतों का स्पेशल प्लेन

16 सितंबर को अफ्रीका से इन चीतों को स्पेशल प्लेन से रवाना किया जाएगा। अब तक ये बताया गया है कि ये सीधे जयपुर लैंड करेंगे। इसके बाद एयरफोर्स के हेलीकॉप्टर से इन्हें सीधे कूनो नेशनल पार्क के बीचोबीच उतारा जाएगा। यहां पहले से चीतों के हेलीकॉप्टर के लिए हेलीपैड तैयार हैं। वन मंत्री शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री के आने से ठीक 4 घंटे पहले चीते कूनो पहुंचेंगे यानी सुबह 8 बजे कूनो नेशनल पार्क में चीतों की आमद हो जाएगी। जब प्रधानमंत्री मोदी उनके पिंजरों को खोलेंगे, तब तक वे कूनो की आबोहवा से थोड़े एडजस्ट भी हो जाएंगे।

6 क्वारैंटाइन सेंटर में रखे जाएंगे चीते

चीफ कन्जर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट उत्तम शर्मा कहते हैं- इन चीतों को पहले एक महीने क्वारैंटाइन रखा जाएगा। इसके लिए 6 क्वारैंटाइन सेंटर बनाए गए हैं। क्वारैंटाइन सेंटर में नर चीतों और मादा चीतों को अलग-अलग रखा जाएगा।

वन्य प्राणियों के डॉक्टर उनकी सेहत की लगातार निगरानी रखेंगे। इन्हीं क्वारैंटाइन सेंटर में चीतों को चीतल और अन्य छोटे प्राणी परोसे जाएंगे। एक महीने बाद सब कुछ ठीक रहा तो इन्हें 500 हेक्टेयर में फैले दूसरे लेवल के ऐनक्लोजर में छोड़ा जाएगा। इसका एरिया 500 हेक्टेयर यानी करीब 1250 एकड़ का होगा। यहां वे चहलकदमी कर पाएंगे, लेकिन लंबी छलांग नहीं लगा पाएंगे।

दिसंबर में चीतों को मिल सकता है जंगल

1 अक्टूबर से नेशनल पार्क आम लोगों के लिए खुलते हैं। तब तक इनका क्वारैंटाइन पीरियड ही पूरा नहीं होगा। ऐसे में फिलहाल ये मुश्किल है कि टिकट लेकर भी आप इन्हें देख सकें। नवंबर के दूसरे-तीसरे हफ्ते में जब ये 500 हेक्टेयर वाले ऐनक्लोजर में शिफ्ट होंगे, तब कुछ गुंजाइश हो सकती है, लेकिन इस विषय में पार्क प्रबंधन उनके व्यवहार को देखने के बाद ही कोई निर्णय लेगा। दिसंबर में संभवत: इन्हें खुले जंगलों में छोड़ा जाएगा। तब जंगल सफारी के दौरान आप इन्हें देख पाएंगे।


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