लोक अदालत में निपटाए रिकार्ड 3815 प्रकरण, 37 करोड़ के अवार्ड पारित

Record 3815 cases settled in Lok Adalat, award of 37 crores passed
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मोटरवाहन दुर्घटना दावे के 150 प्रकरण निपटा 7 करोड़ के अवार्ड पारित – पारिवारिक विवाद के 232 प्रकरण सुलझाए

उदयपुर. नगर संवाददाता & जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष चंचल मिश्रा के निर्देशन में शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में पक्षकारो एवं अधिवक्ताओं के सहयोग से रिकार्ड तोड़ 3815 प्रकरणों का निस्तारण कर 37 करोड़ के अवार्ड पारित किए गए। इस दौरान न्यायालय में पक्षकारों का सैलाब उमड़ पड़ा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं एडीजे कुलदीप शर्मा ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में अदालतों में मोटर वाहन दुर्घटना दावा अधिकरण न्यायालय के कुल 150 प्रकरण निस्तारित कर सात करोड़ के अवार्ड पारित किए, जबकि पारिवारिक विवाद के 232 प्रकरण और वाणिज्यिक न्यायालय में कुल 30 प्रकरण निस्तारित कर 5 करोड़ के अवार्ड पारित किए गए। प्री लिटिगोन प्रकरण भी सुने गए। जिला प्रशासन के सहयोग से कई राजस्व प्रकरणों का निस्तारण किया। बार एसोसिएशन उदयपुर अध्यक्ष गिरजा शंकर मेहता, राजकीय अभिभाषक कपिल टोडावत, अधिवक्त एवं अन्य तालुकाओं के समस्त अधिकारियों का सहयोग रहा। जिला कलक्टर ताराचंद मीणा ने समस्त तहसीलों के प्रशासनिक अधिकारी को पूर्व में जरिए वीडियो कांफ्रेन्सिग के जरिए समस्त तहसीलों पर लबित राजीनामा योग्य राजस्व प्रकरण निस्तारित करने के निर्देश दिए थे।

6.50 करोड़ के अवार्ड पारित

राष्ट्रीय लोक अदालत में मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के पीठासीन अधिकारी गोपाल बिजोरीवाल ने वदनी बनाम सुनिल के मामल में 32.75 लाख रुपए का सर्वाधिक क्लेम के मामले का आपसी राजिनामे से निस्तारण किया। इस मामले में फरियादी की ओर से पैरवी डॉ सतीश कुमार मीणा ने की। अधिकरण के रीडर प्रसन्नचंद लसौड़ ने बताया कि लोक अदालत में 138 एमएसी प्रकरणों के निस्तारण करते हुए 6 करोड़ 50 लाख 76 हजार रूपए का अवार्ड पारित किया गया।

छह बिछड़े दंपत्तियों को दी विदाई

पारिवारिक न्यायालय में लंबित चल रहे प्रकरणों में राष्ट्रीय लोक अदालत की भावना से बिछड़े हुए छह दम्पत्तियों को आपसी राजीनामे से पुन: मिलवाया। इनमें से गजेन्द्र बनाम मीनाक्षी, अंकित बनाम सपना, वंदना बनाम पुरूषोत्तम, परिचय बनाम हर्षिता, खुशबू बनाम दीपक और शांता बनाम संतोष के मामलों में अदालत में ही पति पत्नी आपस में साथ रहने के लिए राजी हो गये। अदालत ने पुन: एक दूसरे को मिलाया और खुशी-खुशी उन्हें घर के लिए विदाई दी।

नगर निगम के 16 प्रकरणों का निस्तारण

नगर निगम विधि समिति अध्यक्षा सोनिका जैन ने बताया कि शनिवार को जिला एवं सेशन न्यायालय में नगर निगम महापौर गोविंद सिंह टांक, आयुक्त हिम्मत सिंह बारहठ, उपमहापौर पारस सिंघवी के निर्देशन में निगम के स्वास्थ शाखा, खाद्य अनुज्ञा, अतिक्रमण, बिना अनुमति निर्माण आदि से संबंधित 16 लंबित प्रकरणों में लोक अदालत की भावना से समझौते किए गए। निगम की ओर से विधि अधिकारी के साथ पैनल अधिवक्ता भूपेंद्र जैन, महेंद्र ओझा, राजेंद्र सिंह राठौड़, शत्रुघ्न विभिन्न शाखाओं के प्रभारी अधिकारी मौके पर उपस्थित रहे।


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