बर्खास्तगी की घोषणा को पलटा, कंपलसरी रिटायर कर दिया

रिश्वत में अस्मत मांगने वाला एसीपी गिरफ्तार
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जयपुर (कार्यालय संवाददाता)। रिश्वत के बदले अस्मत मांगने वाले एसीपी कैलाश बोहरा पर गहलोत सरकार नरम हो गई है। सरकार ने एसीपी  बोहरा को बर्खास्त करने की बजाए पुलिस सेवा से अनिवार्य सेवानिवृत्ति यानी कंपलसरी रिटायर कर दिया। शनिवार को गृह विभाग ने इसके आदेश जारी किए हैं। इससे पहले सोमवार को संसदीय कार्यमंत्री शांति धारीवाल ने विधानसभा में बोहरा को बर्खास्त करने की घोषणा की थी। उन्होंने तब कहा था कि बोहरा की बर्खास्तगी के आदेश कभी भी जारी हो सकते हैं।

गृह विभाग ने आदेश में हाई लेवल स्टैंडिंग कमेटी की सिफारिशों का हवाला देते हुए बोहरा को यह आदेश मिलने की तारीख से कंपलसरी रिटायर मानने का जिक्र किया है। आदेश में तीन माह की एडवांस सैलरी देने का जिक्रहै। विधानसभा में कैलाश बोहरा को लेकर सख्त नजर आ रही सरकार चार दिन बाद ही नरम हो गई। कैलाश बोहरा को रविवार को ही एसीबी ने पीडि़ता से रिश्वत के बदले अस्मत मांगते ट्रैप किया था।

बोहरा को बर्खास्त किया जाता तो उसे पेंशन सहित रिटायरमेंट का कोई लाभ नहीं मिलता

कैलाश बोहरा को बर्खास्त किया जाता तो उसे कोई लाभ नहीं मिलता। अब कंपलसरी रिटायर करने से रिटायरमेंट और पेंशन के सारे लाभ मिलेंगे। सचिवालय सेवा के पूर्व अधिकारी और राजस्थान इम्प्लॉइज फोरम के प्रदेश संयोजक रवींद्र पारक का कहना है कि कंपलसरी रिटायरमेंट वाले राजसेवक को ग्रेच्युटी, बीमा सहित रिटायरमेंट के सारे लाभ मिलते हैं। पेंशन भी मिलती है। बर्खास्तगी की दशा में न पेंशन मिलती है और न रिटायरमेंट के दूसरे लाभ।


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