गुजरात के बागी सांसद ने वापस लिया भाजपा से इस्तीफा

गुजरात के बागी सांसद ने वापस लिया भाजपा से इस्तीफा
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अहमदाबाद (एजेंसी)। गुजरात के भरूच से भारतीय जनता पार्टी के सांसद मनसुख वसावा ने पार्टी से इस्तीफा देने के एक दिन बाद, अपना इस्तीफा वापस ले लिया। वसावा ने मुख्यमंत्री विजय रूपाणी से करीब 45 मिनट तक मुलाक़ात कि और इसके बाद उन्होंने भाजपा छोडऩे का अपना निर्णय वापस ले लिया। मुलाकात के बाद भाजपा सांसद ने कहा कि उन्हें सरकार या पार्टी से कोई दिक्कत नहीं है।

वसावा ने बीमारी को वजह बताते हुए पार्टी से अपना इस्तीफा दिया था। वहीं माना जा रहा था कि मनसुख वसावा ने एक आईएएस अधिकारी से नाराजगी के चलते इस्तीफा देने का फैसला किया था। मीडिया से बात करते हुए वसावा ने कहा, मेरी पीठ और गर्दन में दर्द है और मैंने आराम करने के एकमात्र उद्देश्य से इस्तीफा दे दिया था। डॉक्टर्स और वैद्य जो मेरा इलाज कर रहे हैं, उनकी भी यही राय है कि मुझे आराम करने की जरूरत है। लेकिन मुझे सरकार या पार्टी से कोई समस्या नहीं है।

वासवा ने केंद्रीय नेतृत्व का नाम लिए बिना कहा,  मैंने केंद्रीय नेतृत्व के साथ बात की है। उन्होंने कहा है कि यदि आप एक सांसद के रूप में बने रहते हैं तो आपका उपचार सरकारी खर्चों से किया जाएगा। लेकिन अगर आप सांसद के पद से इस्तीफा देते हैं तो सरकार आपको उतनी राहत नहीं दे पाएगी। इसलिए, आप आराम करें और क्षेत्र के अन्य पार्टी कार्यकर्ता आपकी जिम्मेदारियों को संभालेंगे। पार्टी उसी के अनुसार व्यवस्था कर रही है इसलिए, मैं अपने फैसले को वापस ले रहा हूं।

पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के एक नोटिफिकेशन को वापस लेने की बात कहते हुए मनसुख वसावा ने प्र.म. को पत्र लिखा था और उसके ठीक एक दिन बाद उन्होंने गुजरात भाजपा अध्यक्ष सीआर पाटिल को अपना इस्तीफा भेज दिया।

प्र.म. की लिखी गई चिठ्ठी में भाजपा सांसद ने पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा नर्मदा जिले के 121 गांवों को पर्यावरण के प्रति संवेदनशील क्षेत्र घोषित किया जाने वाले नोटिफिकेशन को वापस लेने की बात कही थी। नोटिफिकेशन के चलते आदिवासी समुदाय विरोध प्रदर्शन कर रहे है।


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