जेल से छूटते ही पत्नी को मिलने अस्पताल पहुंचे रवि – देखते ही लिपटकर रो पड़ीं नवनीत राणा

जेल से छूटते ही पत्नी को मिलने अस्पताल पहुंचे रवि - देखते ही लिपटकर रो पड़ीं नवनीत राणा
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मुंबई (कार्यालय संवाददाता)। मातोश्री के बाहर हनुमान चालीसा पाठ करने की ठानने वाली निर्दलीय सांसद नवनीत राणा और उनके पति रवि राणा को 13 दिन बाद जेल से रिहा कर दिया गया है। जेल से रिहा होते ही नवनीत को मेडिकल चेकअप के लिए लीलावती अस्पताल लाया गया गया था जहां पर जांच के बाद उन्हें एडमिट कर लिया गया।

अब उसी लीलावती अस्पताल से नवनीत राणा की कुछ तस्वीरें सामने आई हैं। उन तस्वीरों में नवनीत बिलख-बिलख कर रो रही हैं। उनके पति रवि राणा उन्हें संभालने की कोशिश कर रहे हैं। तस्वीरों को देख लग रहा है कि नवनीत काफी दर्द में हैं। उनकी तरफ से जेल में रहते हुए भी लगातार अपनी सेहत का हवला दिया गया था। उनका तब ये भी आरोप था कि जेल प्रशासन उनकी जरूरतों पर ध्यान नहीं दे रहा है।

लेकिन अब जेल से रिहा होते ही उनका उपचार शुरू कर दिया गया है। उन्हें अस्पताल में देखने के लिए उनके पति रवि राणा आए थे। इतने दिनों बाद जब दोनों एक दूसरे से मिले, तो काफी भावुक नजर आए। अभी के लिए दोनों नवनीत और रवि को कई शर्तों पर ये जमानत दी गई है। दोनों किसी भी तरह से सबूतों के साथ किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं कर सकते हैं। राणा दंपति को जांच में सहयोग करना होगा, अगर इंवेस्टिगेशन ऑफिसर पूछताछ के लिए बुलाता है तो जाना होगा।

अब जिस मामले में नवनीत राणा और रवि राणा की गिरफ्तारी हुई है, पूरे देश में उस पर काफी विवाद रहा। दरअसल नवनीत राणा ने सीएम उद्धव ठाकरे के निजी आवास मातोश्री के बाहर हनुमान चालीसा का पाठ करने का फैसला किया था। उसके बाद वे वहां पहुंच भी गई थीं। लेकिन क्योंकि शिवसैनिकों को पहले से उस कार्यक्रम का पता था, ऐसे में मौके पर शिवसैनिकों ने जमकर बवाल काटा। जमीन पर काफी तनाव देखने को मिला और खूब नारेबाजी हुई। बाद में पुलिस ने दंपति राणा पर राजद्रोह के तहत मामला दर्ज कर लिया और 23 अप्रैल को उनकी गिरफ्तारी हो गई।

बाद में ये मामला कोर्ट में गया जहां पर राणा दंपति द्वारा जमानत याचिका दायर की गई थी। अब सोमवार को ही कोर्ट द्वारा दोनों को राहत दी गई और 13 दिन बाद वे जेल से बाहर आए। लेकिन उनके जीवन में जारी ये उथल-पुथल अभी शांत नहीं होने वाली है। महाराष्ट्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने के बाद अब उन्हें बीएमसी का सामना करना है। बीएमसी की तरफ से उनके घर के बाहर नोटिस चिपका दिया गया है। अवैध निर्माण को लेकर कार्रवाई करने की बात हो रही है।


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