राजस्थान में रार : अब विधायक मुरारी लाल भी सीएमगहलोत से नाखुश

एक बार भर्ती विज्ञापन निकालने के बाद उसमें बार-बार संशोधन न करें
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जयपुर (कार्यालय संवाददाता)। केंद्र सरकार के कृषि बिलों को लेकर राजस्थान सरकार जमकर विरोध कर रही है। लेकिन राज्य की सियासत एक बार फिर गरमाती दिखाई दे रही है। सचिन पायलट के बाद दौसा के कांग्रेस विधायक मुरारी लाल मीणा ने अपनी ही पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मुरारी लाल ने किसानों के बेतहाशा बिजली बिल के मुद्दे को उठाते हुए सरकार पर निशाना साधा है।

राजस्थान के किसान बिजली के ज्यादा बिल आने से परेशान हैं। इस पर विधायक मुरारी लाल ने कहा कि बिजली को लेकर आम जनता परेशान है, सरकार का विधायक हूं फिर भी में परेशान हूं। विधायक का कहना है कि बिजली की परेशानी को लेकर हमने अपनी सरकार को अवगत करवाया है। इस समस्या को लेकर अध्यक्ष महोदय और मुख्यमंत्री महोदय को जानकारी दी है। इस पर जल्द ही हमको सुधार करना चाहिए।

बिजली बिल की समस्या किसानों के गले की फांस बन गई है। वे अगर विद्युत वितरण निगम जाते भी हैं तो अधिकारी उनकी समस्या का हल निकालने की जगह उन्हें भगा देते हैं। पिछले कई महीनों से किसानों का हजारों रूपये का बिल आ रहा है। किसानों का कहना है कि पहले टिड्डियों ने हमारा नुकसान किया और फसल खा गईं। अब बिजली का इतना ज्यादा बिल कहा से दें।

कांग्रेस विधायक मुरारी लाल मीणा के साथी और अब भाजपा से राज्यसभा सांसद डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने भी गहलोत सरकार को चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर अब भी सरकार होश में नहीं आई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि मैं सरकार से मांग करता हूं जो बिजली विभाग के अधिकारी किसानों को लूट रहे हैं। इसको बंद किया जाये, वरना मजबूर होकर किसान आंदोलन करेंगे। बता दें यह पहली बार नहीं है जब मुरारी लाल मीणा ने अपनी ही पार्टी पर हमला बोला है। इससे पहले जब गहलोत सरकार और सचिन पायलट के बीच सियासी घमासान मचा था तब मुरारी लाल ने खुल कर पायलट का समर्थन किया था। तब उन्होने गहलोत सरकार के खिलाफ मीडिया में कई बयान भी जारी किए थे।


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