रेप पीडि़ता से मुआवजा राशि में 10% रिश्वत मांगी, बाल कल्याण समिति सदस्य बोली- सिस्टम है, देना पड़ेगा

रेप पीडि़ता से मुआवजा राशि में 10% रिश्वत मांगी, बाल कल्याण समिति सदस्य बोली- सिस्टम है, देना पड़ेगा
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पाली (कार्यालय संवाददाता)।  रेप पीडि़ता को मिलने वाली मुआवजा राशि में से रिश्वत लेने के मामले में एसीबी की टीम ने बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया था। अब इस केस में पीडि़ता की मां से रिश्वत को लेकर बातचीत का ऑडियो अब सामने आया है। इसमें कथित तौर पर समिति की सदस्य रिश्वत की राशि को लेकर मोलभाव करते हुए 10 परसेंट देने के लिए दबाव बना रही है।

दरअसल, एसीबी पाली की टीम ने 11 जुलाई को रिश्वत लेने के मामले में जिला बाल कल्याण समिति अध्यक्ष सीताराम शर्मा, सदस्य इंदु चोपड़ा, लक्ष्मण व वकील सुधीर कांकाणी को गिरफ्तार किया था। कोर्ट के आदेश पर फिलहाल चारों जेल में हैं। आरोपियों ने नाबालिग रेप पीडि़ता की मां पर सरकार की ओर से मिलने वाली मुआवजा राशि 4 लाख 25 हजार रुपए में से 10 परसेंट वकील को देने का दबाव बनाया था।

ऑडियो में इंदु चोपड़ा ये बोली…

विधिक प्राधिकरण के जरिए आपके लिए वकील कर रहे हैं। लेकिन फायदे की बात आई तो आप दूसरे को दे रही हैं। हमारी ओर से करवाए गए वकील ने आपकी पैरवी की और बच्ची के बयान करवाए। अब आप कह रही हो कि आपने विक्रम सिंह को वकील कर रखा है। इनकी विधिक प्राधिकरण में अच्छी पहचान हैं। एक्सपर्ट हैं, कई केस में इन्हें हमने बुलाया है। तुम्हारा जो वकील है वह कोई फ्री में काम करेगा। हमें पता है सिस्टम क्या है, मुआवजा राशि आने के बाद वकील को 10 परसेंट देना होता है। उन्हें सैलरी थोड़े मिलती है। जिस तरह एक्सीडेंट केस में मुआवजा राशि आने पर 10 परसेंट वकील को देना पड़ता है वैसा ऐसे केस में होता है। तुम बार-बार वकील को दुबई वाले भाई से बात करने को बोलती हो। वह उनसे क्यों बात करेगा। तुम्हें बाल कल्याण समिति सपोर्ट कर रही है और तुम उनसे करने को बोल रही हो।

एक महीने तक ट्रेस करते रहे

एसीबी एएसपी नरपतचन्द ने कहा कि पीडि़ता के पास बाल कल्याण समिति सदस्य से बातचीत की कई रिकॉर्डिंग है। हमने अलग से भी रिकॉर्डिंग करवाई थी। उन्होंने बताया पीडि़त परिवार की ओर मई माह में रिश्वत की डिमांड को लेकर शिकायत दी गई थी।

इसके बाद 30 मई 2022 का इसका वेरिफिकेशन करवाया गया। शिकायत सही मिलने और जाल बिछाने के बाद चार दिन पहले पाली के बाल कल्याण समिति के ऑफिस में कार्रवाई की गई। यहां समिति के अध्यक्ष, दो सदस्यों व वकील को दस हजार रुपए की रिश्वत लेते पकड़ा था।

सौतेले पिता ने किया था रेप

दरअसल, पाली जिले के सांडेराव थाना क्षेत्र निवासी नाबालिग पीडि़ता से उसके सौतेले पिता ने ही रेप किया था। दिसम्बर 2020 में मामला उजागर होने पर पीडि़ता की मां ने सांडेराव थाने में दर्ज कराया था। पुलिस ने इस केस में कार्रवाई करते हुए आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया था। जनवरी 2022 में पीडि़ता ने कोर्ट में बयान दोहराए। इसके बाद उसे सरकार से मुआवजा राशि मिलनी थी।


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