21 माह बाद मंदिर में विराजमान होंगे रामलला, दिसं. 2023 तक पूरा हो जाएगा निर्माण

2 days ago rajasthankiawaaz.com श्रीराम जन्मभूमि के गर्भगृह का भव्य मॉडल: 21 महीने बाद मंदिर में विराजमान होंगे श्री रामलला, दिसंबर 2023 तक तैयार होने की उम्मीद
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अयोध्या (एजेंसी)। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर का निर्माण का काम जारी है। 2024 के लोकसभा चुनाव से करीब 4 महीने पहले दिसंबर 2023 तक मंदिर तैयार होने की उम्मीद है। रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के मुताबिक, मंदिर की नींव तैयार है। राफ्ट पर अधिष्ठान का काम दो महीने में होगा। मंदिर के पत्थरों व स्तंभ जोडऩे का काम जून से शुरू होगा।

प्लान के मुताबिक, मंदिर तैयार होने पर अनुष्ठान के साथ रामलला को अस्थायी मंदिर से गर्भगृह में विराजित किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस पूजा-अर्चना के मुख्य यजमान होंगे। आर्किटेक्ट सीबी सोमपुरा और मंदिर निर्माण से जुड़ी एजेंसियों ने गर्भगृह की प्रोजेक्टेड तस्वीर जारी की है।

गर्भगृह के लिए मेन गेट से 21 फीट सीढिय़ां चढऩी होंगी

गर्भगृह के ठीक सामने विशाल मंडप के स्तंभों में श्रीराम के बालरूप के दर्शन उनके भाइयों लक्ष्मण, भरत व शत्रुघ्न के साथ होंगे। गर्भगृह तक पहुंचने के लिए मंदिर के मुख्य द्वार की सीढिय़ों से चढऩा होगा, जिनकी ऊंचाई 21 फीट होगी।

मंदिर की पहली लेयर का काम पूरा, कुल 7 लेयर बनेंगी

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के एक सदस्य ने बताया कि मंदिर की 50 गहरी नींव के ऊपर 21 फीट ऊंचे चबूतरे (प्लिंथ) के पहली लेयर का काम पूरा हो गया है। अभी सात लेयर प्लिंथ का काम बाकी है। जून तक बाकी प्लिंथ का काम पूरा होने की उम्मीद है। ट्रस्ट के मुताबिक, हर दिन करीब 80 से 100 पत्थर लगाए जा रहे हैं। एक अनुमान के मुताबिक, मंदिर में एक दिन में एक लाख राम भक्त पहुंच सकेंगे। इसी को ध्यान में रखकर मंदिर के मॉडल में बदलाव किया गया है। यह नागर शैली में बना अष्टकोणीय मंदिर होगा। इसमें भगवान राम की मूर्ति और राम दरबार होगा। मुख्य मंदिर के आगे-पीछे सीता, लक्ष्मण, भरत और भगवान गणेश के मंदिर होंगे।

4 लाख घन फीट गुलाबी पत्थरों को तराशा जा रहा

मंदिर निर्माण के लिए 4 लाख घन फीट से अधिक गुलाबी पत्थरों को तराशने के लिए राजस्थान में छह कार्यशालाओं में काम चल रहा है। एक कार्यशाला अयोध्या में भी हैं, जहां पत्थरों की तराशी का

काम मंदिर के आर्किटेक्ट सीबी सोमपुरा की देखरेख में चल रहा है।

40 फीट गहरी नींव के बाद प्लिंथ को कर्नाटक से लाए गए ग्रेनाइट से तैयार किया जा रहा है। इसकी ऊंचाई करीब 21 फीट होगी। 3 फीट ऊंचे, ग्रेनाइट पत्थरों का कुल सात स्तर (लेयर) बिछाया जाना है। इसमें दो लेयर का काम करीब पूरा हो गया है। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की नींव की पूजा पीएम मोदी ने 5 अगस्त 2020 को की थी। नींव के निर्माण का काम 15 जनवरी 2021 से शुरू हुआ था।

श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के गर्भगृह का मॉडल, राम मंदिर 70 एकड़ में बनेगा, तीन एकड़ में मंदिर और कॉरिडोर होगा

  • 67 एकड़ भूमि में म्यूजियम, सीता, लक्ष्मण, भरत, भगवान गणेश के मंदिर बनेंगे
  • मंदिर 360 फीट लंबा, 235 फीट चौड़ा और 161 फीट ऊंचा होगा
  • मंदिर क्षेत्रफल 84 हजार 600 स्क्वायर फीट है

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