राज्यसभा चुनाव : निर्दलीय विधायकों ने कांग्रेस के लिए बढ़ाया संकट, गैर-राजस्थानी उम्मीदवारों का विरोध, तीसरी सीट पर बिगड़ सकता है गणित

राज्यसभा चुनाव : निर्दलीय विधायकों ने कांग्रेस के लिए बढ़ाया संकट, गैर-राजस्थानी उम्मीदवारों का विरोध, तीसरी सीट पर बिगड़ सकता है गणित
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जयपुर (कार्यालय संवाददाता)। राज्यसभा की तीन सीटों पर कांग्रेस के उम्मीदवारों की घोषणा के साथ ही पार्टी में घमासान शुरू हो गया है। दिल्ली से लेकर जयपुर तक रविवार रात से ही विरोध शुरू हो गया है।

मुख्यमंत्री के सलाहकार निर्दलीय विधायक संयम लोढ़ा ने बाहरी नेताओं को टिकट देने पर खुलकर सवाल उठाते हुए विरोध की शुरूआत की है। कई निर्दलीय विधायक भी नाराज बताए जा रहे हैं, हालांकि उन्होंने अभी तक खुलकर रिएक्ट नहीं किया है। बाहरी बनाम राजस्थानी का विरोध बढ़ा तो राज्यसभा में कांग्रेस की तीसरी सीट पर संकट आ सकता है।

कांग्रेस ने महाराष्ट्र मूल के राष्ट्रीय महासचिव मुकुल वासनिक, हरियाणा के रणदीप सुरजेवाला और यूपी के प्रमोद तिवारी को राज्यसभा उम्मीदवार बनाया है। कांग्रेस के तीनों राज्यसभा उम्मीदवार सोमवार दोपहर 2 बजे जयपुर पहुंचे। मंगलवार सुबह 11 बजे तीनों उम्मीदवार नामांकन दाखिल करेंगे।

सीएम सलाहकार ने पूछा- राजस्थान के किसी नेता को टिकट क्यों नहीं

सीएम सलाहकार संयम लोढ़ा ने राजस्थान के किसी भी नेता को टिकट नहीं देकर बाहरी नेताओं को राज्यसभा उम्मीदवार बनाने पर सवाल उठाए हैं। लोढ़ा ने ट्वीट कर सवाल उठाया। लोढ़ा ने लिखा-कांग्रेस पार्टी को यह बताना चाहिए कि राजस्थान के किसी भी कांग्रेस नेता/कार्यकर्ता को राज्यसभा चुनाव में प्रत्याशी नहीं बनाने के क्या कारण हैं?

13 निर्दलीयों के अलावा भी जीत के लिए कांग्रेस को एक और वोट की जरूरत

कांग्रेस को 3 सीट जीतने के लिए 123 वोट चाहिए। हर उम्मीदवार को 41-41 वोट जीत के लिए जरूरी हैं। कांग्रेस के खुद के 108 विधायक हैं, इनमें से 6 बसपा से कांग्रेस में शामिल होने वाले भी हैं। 13 निर्दलीय विधायकों के समर्थन का दावा है। एक आरएलडी कोटे के सुभाष गर्ग हैं। यह संख्या 122 ही पहुंचती है। इसके बाद 2 सीप्र.म. और 2 बीटीपी के विधायक भी पहले गहलोत सरकार को समर्थन और वोट दे चुके हैं। कांग्रेस को तीसरी सीट पर जीत के लिए सीप्र.म.-बीटीपी में से किसी एक का समर्थन जरूरी है।

नाराजगी से संकट में आ सकती है तीसरी सीट

निर्दलीय विधायक संयम लोढ़ा ने राजस्थान के उम्मीदवारों को टिकट नहीं देने पर नाराजगी जताई है। संयम लोढ़ा सीएम के साथ हैं, लेकिन चार से पांच निर्दलीय विधायक नाराज बताए जा रहे हैं। निर्दलीयों के दो वोट भी खिसक गए तो कांग्रेस का नंबर गेम बिगड़ जाएगा। बीटीपी के दो विधायक हैं। बीटीपी इस बार आदिवासी को टिकट नहीं मिलने पर नाराज है। बीटीपी विधायक राजकुमार रोत पहले ही कह चुके हैं कि आदिवासी को टिकट नहीं दिया तो कांग्रेस को सपोर्ट नहीं करेंगे। माकपा का रूख भी साफ नहीं है। ऐसी हालत में कांग्रेस के पास तीसरी सीट जीतने का संख्या बल गड़बड़ा जाता है।


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