सूखे से निपटने के लिए राजस्थान को मिलेंगे 1004 करोड़, 12 जिलों की 69 तहसीलें सूखाग्रस्त, गृहमंत्री ने दी मंजूरी

सूखे से निपटने के लिए राजस्थान को मिलेंगे 1004 करोड़, 12 जिलों की 69 तहसीलें सूखाग्रस्त, गृहमंत्री ने दी मंजूरी
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जयपुर (कार्यालय संवाददाता)। सूखे की मार झेल रहे राजस्थान को केन्द्र सरकार की ओर से अतिरिक्त मदद देने का फैसला लया गया है। राजस्थान और नागालैंड दो राज्यों को केंद्र सरकार एडिशन फंड जारी करेगी। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई हाई लेवल कमेटी की बैठक में राजस्थान के लिए 1003 करोड़ 95 लाख रुपए की अतिरिक्त केंद्रीय सहायता राशि मंजूर की गई है। राजस्थान को 2021-22 के सूखे की स्थिति से निपटने के लिए यह केन्द्रीय सहायता मिलेगी। वहीं नगालैंड को 39.28 करोड़ रुपए दिए जाएंगे। इससे पहले राजस्थान को एसडीआरएफ (राज्य आपदा मोचन निधि) में फंड जारी किया गया था।

12 जिलों की 69 तहसीलें सूखाग्रस्त

राजस्थान में 2021-22 के मानसून पीरियड में 12.10 फीसदी कम बारिश रिकॉर्ड हुई थी। गहलोत सरकार ने अक्टूबर 2021 में 12 जिलों की 69 तहसीलों को सूखाग्रस्त घोषित किया था। ग्राउंड रिपोर्ट के आधार पर इन तहसीलों के 744 गांवों में खरीफ की फसल में 33 फीसदी से ज्यादा का नुकसान रिकॉर्ड किया गया। इनमें बाड़मेर की 16, जोधपुर की 10, जालोर और जैसलमेर की 9-9, बीकानेर और पाली की 6-6, अजमेर की 4, डूंगरपुर की 3, नागौर और सिरोही की 2-2, हनुमानगढ़ और चूरू की 1-1 तहसीलों में बारिश कम होने के कारण किसानों को बड़ा नुकसान दर्ज किया गया। इससे पहले राज्य के सीएम ने ज्यादा बारिश से खरीफ की फसल को हुए नुकसान से प्रभावित 7 जिलों के 3704 गांवों को अभावग्रस्त घोषित किया था।

राजस्थान में आज भी सूखे के हालात

राजस्थान और नागालैंड दोनों ऐसे ही राज्य हैं जहां पानी की कमी और बारिश नहीं होने से बड़ा संकट खड़ा हो चुका है। पीने के पानी के साथ ही पशुओं के चारे और सिंचाई के पानी तक की दिक्कत पैदा हो गई है। पिछले साल भी दोनों राज्यों में सूखे के कारण फसलें चौपट हो चुकी हैं। ऐसे में इन दोनों राज्यों को संकट से बाहर निकालने के लिए केंद्र सरकार ने प्लान तैयार कर यह फैसला लिया है। केंद्रीय सूत्रों के मुताबिक राजस्थान, नागालैंड, महाराष्ट्र, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, गुजरात, यूपी, तमिलनाडु जैसे राज्यों में इस साल भी कई जिलों में सूखा रह सकता है। केन्द्रीय जल शक्ति मंत्रालय भी यह मानकर चल रहा है कि मौजूदा वक्त में देश के लगभग 68 फीसदी हिस्से में सूखे का संकट बना हुआ है।


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