राजस्थान पुलिस कांस्टेबल परीक्षा

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हाईकोर्ट ने लगाई भर्ती परीक्षा का रिजल्ट जारी करने पर रोक

जयपुर ( कार्यालय संवाददाता )। राजस्थान पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा पर हाईकोर्ट से गहलोत सरकार को झटका लगा है। शुक्रवार को हाईकोर्ट की जयपुर बेंच ने कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा 2019 का परिणाम जारी करने पर रोक लगा दी। यह फैसला जज संजीव प्रकाश शर्मा ने से कर के रहने वाले जहीर अहमद की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुनाया है। कोर्ट ने पुलिस महानिदेशक महानिरीक्षक पुलिस (भर्ती) को नोटिस जारी करके जवाब मांगा है। नवंबर में हुई इस भर्ती परीक्षा में 12 लाख से ज्यादा अभ्यर्थी शामिल हुए थे।

   याचिकाकर्ता जहीर अहमद के वकील अज़ाज़ नबी ने बताया कि याचिका में राजस्थान पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा की जिलेवार मेरिट जारी करने की प्रक्रिया को चुनौती दी गई थी। साथ ही, पूरे राजस्थान की एक ही मेरिट लिस्ट जारी की जाए। इस पर हाईकोर्ट ने परीक्षा परिणाम जारी करने पर रोक लगाने का फैसला सुनाया।

    बता दें कि याचिकाकर्ता की तरफ से पैरवी करने वाले अधिवक्ता अज़ाज़ नबी खुद भी यातायात पुलिस, जयपुर में 24 साल तक कॉन्स्टेबल रहे हैं। बाद में उन्होंने पुलिस सेवा से स्वैच्छिक रिटायरमेंट लिया।

5438 पदों के लिए 6,7 व 8 नवंबर को हुई थी कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा

प्रदेश में पिछले साल के सबसे बड़ी 5438 पदों के लिए पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा 6,7 और 8 नवंबर को आयोजित की गई थी। इस परीक्षा के लिए 17 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। इसके लिए प्रदेश में 600 से ज्यादा परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। परीक्षा में 12 लाख 41 हज़ार 609 अभ्यर्थी शामिल हुए थे।

इसलिए लगाई याचिका

याचिकाकर्ता के वकील अज़ाज़ नबी ने बताया कि राजस्थान पुलिस अधीनस्थ सेवा नियम-1989 के नियम संख्या 25 में प्रावधान है। राजस्थान में पुलिस भर्ती में एक ही संयुक्त मेरिट बनेगी। डीजेपी राजस्थान में इसका स्थाई आदेश जारी किया था। इसमें राजस्थान पुलिस भर्ती में संयुक्त मैरिट बनाने का प्रावधान था लेकिन फिलहाल राजस्थान पुलिस मुख्यालय जिलेवार मेरिट बनाते हैं नियमों से परे इसमें जिलेवार मेरिट का आधार सिर्फ प्रचलित माना गया है। अधिवक्ता अज़ाज़ नबी ने बताया कि साल 2013 के पुलिस कांस्टेबल भर्ती में 49.50 प्रतिशत, सीकर जिले के 74 प्रतिशत और दौसा जिले की 71 प्रतिशत मेरिट के आधार पर चयन हुआ यह भर्ती संविधान और राजस्थान पुलिस अधिनियम अधिनस्थ सेवा नियमों के खिलाफ थी। ऐसे में कोई समाधान नहीं होने पर हाईकोर्ट में याचिका लगाई। इस पर हाईकोर्ट की जयपुर पीठ ने वर्ष 2019 में परीक्षा के परिणाम पर रोक लगाते हुए डीजीपी व अन्य अवसरों को नोटिस देकर जवाब मांगा है।


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