राजस्थान विधानसभा: हंगामेदार रहा बजट सत्र का 5वां दिन, कार्यवाही 23 तक स्थगित

राजस्थान विधानसभा: हंगामेदार रहा बजट सत्र का 5वां दिन, कार्यवाही 23 तक स्थगित
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जयपुर (कार्यालय संवाददाता)। राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र का 5वां दिन हंगामेदार रहा। राज्यपाल के अभिभाषण पर नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया के बोलने के दौरान बीच में टोकने पर सदन में कांग्रेस- भाजपा विधायकों में नोकझोंक हुई। कटारिया ने कहा- निकाय और पंचायतों चुनावों में खरीद फरोख्त का धंधा बंद होना चाहिए। इस पर शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने कटारिया को टोकते हुए कहा- ये प्रधानमंत्री और अमित शाह को बताइए। प्रदेश की सरकारें नहीं गिराएं। हम दूध पीते बच्चे नहीं हैं। डोटासरा के बीच में टोकने पर बीजेपी विधायकों ने कड़ी आपत्ति जताई। स्पीकर सीपी जोशी ने दखल देकर हंगामा शांत करवाया।

गहलोत ने कहा- गुजरात में हॉर्स ट्रेडिंग पूरी नहीं हुई थी, इसलिए राज्यसभा चुनाव कैंसिल किए

सीएम अशोक गहलोत ने राज्यपाल के अभिभाषण पर बहस के जवाब के दौरान केंद्र सरकार और भाजपा पर जमकर हमला बोला। गहलोत ने कहा कि गुजरात में राज्यसभा चुनाव थे, वहां एक सीट कांग्रेस जीतती और एक बीजेपी। लेकिन दो सीटों पर चुनाव के लिए अलग-अलग तारीख तय की गई। ताकि दोनों सीट बीजेपी जीते। इस तरह का काम 70 साल में आज तक चुनाव आयोग ने नहीं किया था। हॉर्स ट्रेडिंग पूरी नहीं हुई थी, इसलिए दो दिन पहले चुनाव आयोग ने कोरोना का हवाला देकर चुनाव पोस्टपोंड कर दिया।

‘राजस्थान के राज्यपाल दबाव में’

गहलोत ने कहा कि किसान आंदोलन कर रहे हैं उनकी कोई सुनवाई ही नहीं कर रहा है। हमने तीन कानून पास किए, आज तक राज्यपाल के पास लंबित पड़े हैं। हम चार कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने राष्ट्रपति से मिलने का वक्त मांगा, लेकिन वक्त नहीं मिला। हमने पांच एकड़ तक किसान की जमीन कुर्क से मुक्त करने का भी बिल पास किया, उसे भी राज्यपाल दबाव में राष्ट्र्रपति के पास नहीं भेज पा रहे हैं। सीएम ने कहा कि किसान कर्ज माफी पर हमने वादा निभाया। हमारे राज्य में सहकारी बैंकों के पूरे कर्ज माफ किए। राष्ट्रीयकृत बैंकों के लिए हमने शुरू से प्रधानमंत्री को चि_ी लिखी कि वन टाइम सेटलमेेंट करवा दीजिए। जब बैंकों ने बड़े बड़े उद्योगपतियों के कर्ज माफ हो सकते हैं तो किसानों के क्यों नहीं?


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