पीएम मोदी की घोषणा के बाद एक्शन में रेलवे

जल्द ही 100 और ट्रेनें चलाएगा रेलवे
Share

नई दिल्ली (एजेंसी)। प्र.म. नरेंद्र मोदी ने लाल किला से 2023 तक 75 नई वंदेभारत एक्सप्रेस शुरू करने की घोषणा की है। इसके बाद से ही रेल मंत्रालय घोषणा को जमीनी स्तर पर उतारने में जुट गया हैं। रेलवे वित्तीय वर्ष 2022-23 में प्रत्येक महीने में अपनी पूरी क्षमता के साथ ट्रेनों का प्रोडक्शन शुरू कर देगा। रेलवे हर माह 6 वंदेभारत एक्सप्रेस का निर्माण कार्य करेगा। जिससे निर्धारित समय सीमा में 75 वंदेभारत एक्सप्रेस देश के सभी प्रमुख शहरों से शुरू हो सके।

जानकारी के अनुसार, अप्रैल 2022 से लेकर मार्च 2023 तक प्रत्येक माह 6 वंदेभारत एक्सप्रेस का निर्माण किया जाएगा। वहीं किसी एक माह में एक अतिरिक्त वंदेभारत का निर्माण होगा। इस तरह पूरे साल में 73 वंदेभारत एक्सप्रेस तैयार कर ली जाएंगी। जिन्हें देश के विभिन्न शहरों के बीच चलाया जा सकेगा।

अभी वर्तमान में 2 वंदेभारत एक्सप्रेस का निर्माण किया जा रहा है जो मार्च 2022 तक पूरा हो जाएगा। ट्रायल और सीआरएस क्लीयरेंस के बाद इनका सुचारू रूप से संचालन शुरू कर दिया जाएगा। मौजूदा समय में देश में केवल दो वंदेभारत एक्सप्रेस का संचालन हो रहा है। इनमें एक नई दिल्ली से वाराणसी के बीच और दूसरी नई दिल्ली से कटरा के बीच। मौजूदा वंदेभारत एक्सप्रेस की संख्या भी जोड़ लें, तो यह संख्या 77 हो जाएगी।

जानकारी के अनुसार, अभी देश में वंदेभारत एक्सप्रेस केवल आईसीएफ चेन्नई में तैयार की जा रही है। लेकिन जल्द ही ये ट्रेनें देश के दो और अन्य कोच फैक्ट्रियों में तैयार हो सकेंगी। आईसीएफ चेन्नई के अलावा मॉडर्न कोच फैक्ट्री (एमसीएफ) रायबरेली और रेल फैक्ट्री कपूरथला (आरसीएफ) कपूरथला में भी वंदेभारत एक्सप्रेस तैयार की जाएंगी।

तकनीकी रूप में नई वंदेभारत एक्सप्रेस में कई बदलाव भी किए जाएंगे।

ट्रेनों में होंगे ये बदलाव

आने वाली नई वंदेभारत में कई परिवर्तन किए जाएंगे। इसे ट्रेन का अपग्रेडेड वर्जन का नाम दिया गया है। इसमें बैठने की सहूलियतों का खास ख्याल रखा जाएगा। ट्रेन की रेक्लाइनिंग सीट को पुशबैक से लैस किया जाएगा। यानि उसे पुश कर अपने आराम के हिसाब से आगे या पीछे किया जा सकेगा। ट्रेन में सेंट्रलाइज्ड कोच लगाए जाएंगे, जिससे एक ही जगह से पूरी ट्रेन पर नजर रखी जा सकेगी। यहीं से ट्रेन के सारे सिस्टम की निगरानी की जाएगी।

नई ट्रेनों में बिजली गुल होने पर वेंटिलेशन और लाइटिंग के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। बिजली गुल होने पर करीब तीन घंटे का वेंटिलेशन मौजूद होगा। हर कोच में बड़ी-बड़ी लाइटें होंगी।

वहीं, नई ट्रेनों में सिक्योरिटी फीचर भी जोड़े जाएंगे। हर कोच में अब चार इमरजेंसी विंडो होंगी, ताकि किसी भी आपात स्थिति में यात्रियों को जल्दी से जल्दी निकाला जा सके। ट्रेन के एसी और भी बेहतर किया जाएगा। अपग्रेडेड वर्जन में वंदे भारत के कोच को बैक्टिरिया फ्री एयर कंडीशनिंग सिस्टम से लैस किया जाएगा।

यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए पैसेंजर इन्फॉर्मेशन सिस्टम लगाया जाएगा। हर कोच में दो की बजाय अब चार इमरजेंसी पुश बटन होंगे। इमरजेंसी विंडो बढ़ेंगे, दरवाजे और खिड़कियों में फायर सर्वाइवल केबल का इस्तेमाल होगा, जिससे आग लगने की स्थिति में भी दरवाजा और खिड़कियां खोलना आसन होगा।

गौरतलब है कि देश में वंदेभारत एक्सप्रेस की शुरूआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2019 में की थी। पहली ट्रेन वाराणसी से नई दिल्ली के बीच शुरू की गई थी। इसे ट्रेन 18 के नाम से भी जाना जाता है। यह देश की अपनी तरह की पहली और सबसे तेज चलने वाली ट्रेन है। इसका लुक बुलेट ट्रेन से मिलता-जुलता बनाया गया है।


Share