उदयपुर सहित प्रदेश के 4 जिलों में पड़े छापे, संदिग्ध दस्तावेज मिले, खांजीपीर से 2 संदिग्धों को लिया हिरासत में, कोटा-बारां में भी पकड़े

Raid in 4 districts of the state including Udaipur
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जयपुर (कार्यालय संवाददाता)। पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया(पीएफआई) और इससे जुड़े लोगों, संस्थानों पर एनआईए पूरे देश में एक साथ सर्च ऑपरेशन चला रही है। राजस्थान, बिहार, यूपी सहित कई राज्यों के करीब 100 से अधिक ठिकानों पर यह रेड जारी है। इस सिलसिले में पीएफआई के राजस्थान हेड आसिफ को केरल से गिरफ्तार कर लिया गया है। उदयपुर से 2 और कोटा-बारां से एक-एक संदिग्ध को हिरासत में लिया गया है। इनसे पूछताछ की जा रही है। खास बात यह है कि एनआईए को बच्चों को टेरर ट्रेनिंग देने के इनपुट भी मिले हैं।

जयपुर में लाल कोठी के पास पीएफआई कार्यालय में सर्च किया गया। इस दौरान एनआईए को यहां से संदिग्ध दस्तावेज, झंडे और किताबें मिली हैं। सूत्रों के मुताबिक बारां जिले से सादिक शराफ को भी राउंडअप किया गया है। बताया जा रहा है कि दो दिन से टीमों का मूवमेंट राजस्थान में कई जिलों में रहा हैं, लेकिन सर्च केवल कोटा, बारां, उदयपुर और जयपुर में किया जा रहा हैं। जयपुर में एमडी रोड पर भी एनआईए का सर्च जारी है। जिस जगह पर सर्च किया जा रहा है, उसे ब्लॉक कर दिया गया है।

उदयपुर के खंजीपीर इलाके के रहने वाले दो युवकों देर रात एनआईए टीम पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई। हिरासत में लिए गए मोहम्मद इरफान और मोहम्मद सलीम पीएफआई कार्यकर्ता बताए जा रहे हैं। इस तरह कोटा के सांगोद में टीम ने देर रात पूर्व पार्षद के बेटे को हिरासत में लिया। इसके विरोध में गुरूवार सुबह कुछ लोग थाने के सामने इकट्ठा हो गए। विज्ञान नगर इलाके में भी टीम ने अल सुबह कार्रवाई करते हुए कुछ लोगों से पूछताछ की। बारां में एनआईए की 40 सदस्यों की टीम नगर परिषद कार्यालय में रूकी हुई है। टीम के साथ ईडी, सीआरपीएफ और लोकल पुलिस मौजूद है। वहीं, कोटा में भी एनआईए की टीम कई ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक पीएफआई के खिलाफ टेरर फंडिग और कैम्प चलाने के इनपुट एनआईए को मिले हैं। उसी के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। पीएफआई और उससे जुड़े लोगों के घर और कार्यालय जांच एजेंसियों के निशाने पर हैं। वहां सर्च की जा रही है।

इस कार्रवाई में नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) के साथ इन्फोर्समेंट डायरेक्टोरेट(ईडी) भी शामिल है। हालांकि एनआईए या ईडी की ओर से इस सिलसिले में अभी तक कोई ऑफिशियल जानकारी साझा नहीं की गई है।


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