बिहार चुनाव में राहुल का तेज अवतार- 20 दिन में 100 से ज्यादा वर्चुअल रैली की तैयारी

बिहार चुनाव में राहुल का तेज अवतार
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नई दिल्ली (एजेंसी)। चुनाव आयोग संकेत दे चुका है कि उसका बिहार विधानसभा चुनाव स्थगित करने का कोई इरादा नहीं है। इसके साथ ही कांग्रेस पार्टी ने चुनाव प्रचार का खाका तैयार कर लिया है। राहुल गांधी बिहार चुनाव में प्रचार करेंगे। संकेत मिल रहे हैं कि राहुल गांधी बिहार में वर्चुअल रैली करेंगे। कांग्रेस की योजना है कि सितंबर के पहले हफ्ते से बिहार में चुनाव प्रचार शुरू कर दिया जाए।

कांग्रेस बिहार चुनाव के दौरान करीब 100 वर्चुअल रैली करेगी, जिन्हें पार्टी के वरिष्ठ नेताओं द्वारा संबोधित किया जाएगा। पार्टी के राष्ट्रीय सचिव और बिहार विधानसभा चुनाव प्रभारी अजय कपूर ने सदाकत आश्रम में आयोजित एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कहा है कि कांग्रेस पूरे राज्य में 100 वर्चुअल महासम्मेलन आयोजित कराएगी। पार्टी ने इसे ‘बिहार क्रांति वर्चुअल महासम्मेलनÓ नाम दिया है। ये वर्चुअल रैलियां 1 से 21 सितम्बर तक आयोजित की जाएंगी।
बिहार क्रांति वर्चुअल महासम्मेलन को संबोधित करने वाले नेताओं का जिक्र करते हुए अजय कपूर ने बताया कि रैली में दिल्ली से 2 नेता, 5 राज्य स्तरीय और जिला से 10 नेता रैली को संबोधित करेंगे। इसकी शुरूआत बेतिया जिले से होगी। इससे लोगों को जोडऩे के लिए पार्टी मिस कॉल कैंपेन चलाएगी।

सीटों की संख्या पर अजय कपूर ने कहा कि पार्टी कितने सीटों पर चुनाव लड़ेगी इसका फैसला हाई कमांड करेगा। राहुल गांधी स्वयं रूचि ले रहे है। हम एक सम्मानजनक संख्या पर चुनाव लड़ेंगे।

बता दें कि बिहार चुनाव के लिए राजनैतिक पार्टियां तैयारियों में जुटी हैं। हालांकि अभी तक इस मामले में कांग्रेस थोड़ी पिछड़ती दिखाई दे रही है। दरअसल बिहार के मतदाताओं को लुभाने के लिए भाजपा ने जून माह से ही वर्चुअल रैलियां करनी शुरू कर दी हैं। सीएम नीतीश कुमार ने मतदाताओं को लुभाने के लिए कई विकास योजनाओं का ऐलान किया है।

वहीं राजद नेता तेजस्वी यादव बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर जनता के बीच अपनी पकड़ मजबूत बनाने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन इस पूरे परिदृश्य में कांग्रेस नदारद दिखाई दे रही है। बता दें कि कांग्रेस पार्टी इन दिनों अंदरूनी कलह से गुजर रही है। जिसका सीधा असर पार्टी और बिहार चुनाव पर पड़ रहा है। पार्टी नेतृत्व के मुद्दे को अभी तक सुलझा नहीं पायी है, अब पार्टी में बड़े बदलावों की मांग भी जोर पकडऩे लगी है। यही वजह है कि कांग्रेस बिहार चुनाव में अभी उतनी सक्रियता नहीं दिखा रही है।


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