आज लेंगे शपथ पुष्कर सिंह धामी: 7-8 महीने का होगा कार्यकाल

Pushkar Singh Dhami will take oath today: Tenure will be for 7-8 months
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नई दिल्ली (एजेंसी)। दो बार के विधायक पुष्कर सिंह धामी को उत्तराखंड का मुख्यमंत्री चुनकर भाजपा ने न सिर्फ राज्य की राजनीति के कई फैक्टर्स का ध्यान रखा है बल्कि पार्टी के अंदर भी कई चीजों को बैलेंस करने की कोशिश की है। 45 साल के धामी को सीएम बनाकर भाजपा ने पार्टी के लंबे वक्त की राजनीति के लिए एक चेहरा भी आगे किया है।

कुमाऊं को बैलेंस

भाजपा के लिए कुमाऊं कमजोर कड़ी माना जाता है। गढ़वाल में भाजपा की जो पकड़ है वह कुमाऊं में नहीं है। भाजपा अब तक गढ़वाल को ही ज्यादा तवज्जो देती रही। जब त्रिवेंद्र सिंह रावत को हटाकर तीरथ सिंह रावत को सीएम बनाया गया उस वक्त भी कुमाऊं रीजन में भाजपा के फैसले को लेकर नाराजगी थी। इसे लेकर कई जोक्स भी बने।

एक रावत के जाने और दूसरे रावत के आने पर भी भाजपा की आलोचना की गई। साथ ही यह कांग्रेस के लिए एक मुद्दा भी बन रहा था। कुमाऊं से आने वाले कांग्रेस नेता हरीश रावत इसे न भुनाएं इसलिए भी भाजपा ने कुमाऊं को बैलेंस करने की कोशिश की है। हालांकि भाजपा ने गढ़वाल रीजन के ठाकुर को हटाकर कुमाऊं रीजन के ठाकुर को ही नेता चुना है। पुष्कर सिंह धामी कुमाऊं की खटीमा सीट से विधायक हैं और मूल रूप से कुमाऊं के पिथौरागढ़ जिले के हैं।

लंबी पारी की तैयारी

युवा विधायक को सीएम बनाकर भाजपा ने पार्टी के सीनियर नेताओं के बीच की गुटबाजी और आपसी खींचतान को भी जवाब दिया है। धामी के चुने जाने से कई सीनियर नेता खुश नहीं हैं लेकिन भाजपा ने एक तरह से संदेश दिया है कि गुटबाजी करने वालों को पार्टी में तवज्जो नहीं मिलेगी। धामी संघ के छात्र संगठन एबीवीपी में रहे हैं और भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष भी रहे हैं। राजनीति की उम्र अगर 75 साल तक मानी जाए तो 45 साल के धामी के पास राजनीति के लिए अभी 30 साल हैं। भाजपा ने ऐसे नेता को चुना है जो लंबी पारी खेल सकता है। पार्टी ने युवा नेता को आगे बढ़ाकर 30 साल की राजनीति के लिए तैयार किया है।

पहाड़ और मैदान दोनों का संतुलन

उत्तराखंड की 70 विधानसभा सीटों में से 29 सीटें कुमाऊं रीजन में हैं। इनमें 20 सीटें पहाड़ी हैं।


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