पंजाब कांग्रेस में ‘सुपर फाइट बाजवा-दूलों के खिलाफ मंत्री हुए एकजुट, निष्कासन की मांग

Capt bajwa
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चंडीगढ़ (एजेंसी)। पंजाब कांग्रेस में घमासान मचा हुआ है। पार्टी में ‘सुपर फाइटÓ की हालत है और कांग्रेस के दो राज्यसभा सदस्यों प्रताप सिंह बाजवा और शमशेर सिंह दूलों के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर के खिलाफ मोर्चा खोलने से कलह चरम पर है। जहरीली शराब मामले की जांच सीबीआई से करवाने की मांग और कैप्टन पर वार करने वाले बाजवा और दूलों अब कांग्रेस में चहुतरफा घिरते जा रहे हें। अब दोनों बागी सांसदों के खिलाफ पंजाब कैबिनेट के मंत्री एकजुट हो गए हैं। कैबिनेट के मंत्रियों ने बाजवा और दूलो को कांग्रेस से निष्कासित करने की मांग की है।

इससे पहले कांग्रेस के प्रदेश प्रधान सुनील जाखड़ द्वारा दोनों नेताओं के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए सोनिया गांधी को पत्र लिखा था। इस तरह अब पूरा मामला पार्टी हाईकमान तक पहुंच गया है। इस संबंध में कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी आशा कुमारी और बाद में सुनील जाखड़ ने वीरवार को मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से मुलाकात की

बाजवा और दूलो के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने के दूसरे दिन राजनीतिक घटनाक्रम तेजी से घूमा। सुनील जाखड़ ने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से मुलाकात कर पूरी स्थिति पर चर्चा की। इससे पहले प्रदेश प्रभारी आशा कुमारी मुख्यमंत्री से मिलने के पहुंची। इसके तुरंत बाद ही पंजाब कैबिनेट ने बाजवा और दूलों को पार्टी से बर्खास्त की मांग कर दी। मंत्रियों का कहना है कि दोनों सांसदों ने अपने राज्यसभा के कार्यकाल में राज्य के हित के किसी भी मुद्दे को उठाने की जहमत नहीं उठाई।

मंत्रियों ने कहा कि बाजवा और दूलों ने अकाली शासन के दौरान ड्रग्स के मुद्दे की ईडी जांच पूरी करने के लिए दबाव क्यों नहीं डाला? उन्होंने केंद्र सरकार के कृषि विरोधी अध्यादेशों के खिलाफ सदन में विरोध क्यों नहीं किया? सीबीआई के मामलों की जांच में विफलता के बारे में उन्होंने कभी क्यों नहीं कहा।

दूसरी ओर, जाखड़ का कहना है कि उन्होंने मुख्यमंत्री से मिलकर जहरीली शराब मामले के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही को लेकर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी दोषी को बख्शा हीं जाएगा। जाखड़ ने कहा, बतौर प्रदेश प्रधान मैंने वहीं मांग की जो मुझे करनी चाहिए थी। बाजवा और दूलों ने सीबीआइ जांच की मांग करके अपनी ही सरकार की तरफ उंगली उठाई। इससे न सिर्फ सरकार बल्कि पूरी पार्टी की छवि खराब हुई।


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