प्रधानमंत्री ने बढ़ाया कॉमनवेल्थ खिलाडिय़ों का हौंसला बोले- ‘बेटियों का प्रदर्शन काफी शानदार रहा’, मोदी बोले- यूक्रेन में दुनिया ने देखी तिरंगे की ताकत, दूसरे देशों का रक्षा कवच बना

Prime Minister boosted the spirit of Commonwealth players, said - 'The performance of daughters was very good', Modi said - the world saw the power of the tricolor in Ukraine, became a defense shield for other countries
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नई दिल्ली (एजेंसी)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में मेडल जीतने वाले खिलाडिय़ों से अपने सरकारी आवास पर शनिवार सुबह 11 बजे मिले। मोदी ने कहा आप लोग स्कूलों में जाएं और आज के युवा आपको रोल मॉडल के रूप में देखते हैं। आपसे से प्रेरित

होकर आपके जैसा बनने की कोशिश करता है, इसलिए आप जरूर जाएं।

प्रधानमंत्री मोदी बोले, आप लोगों ने बर्मिंघम में तिरंगे का मान बढ़ाया है। तिरंगे की ताकत को दुनिया ने यूक्रेन में देखा था। तिरंगा युद्धक्षेत्र से बाहर निकलने में भारतीयों का ही नहीं, बल्कि दूसरे देशों के लोगों के लिए भी सुरक्षा कवच बन गया था।

‘बेटियों का शानदार प्रदर्शन’

मोदी ने आगे कहा कि कॉमनवेल्थ में बेटियों का प्रदर्शन काफी शानदार रहा है। मैंने ओलिंपिक गेम्स के बाद विनेश से कहा था कि निराश होने की जरूरत नहीं है। मुझे खुशी है कि विनेश ने निराशा को आशा में बदलने में सफल हुई हैं। हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में भारतीय महिला टीम ने शानदार प्रदर्शन किया। जूडो, कुश्ती, बॉक्सिंग हर क्षेत्र में बेटियों ने मान बढ़ाया है। वहीं आपकी ये जज्बा देश की बेटियों को प्रेरित करेगी। प्र.म. मोदी ने कहा कि गर्व की बात है कि आपकी मेहनत और प्रेरणादायी उपलब्धि से देश आजादी के अमृत काल में प्रवेश कर रहा है। पिछले कुछ हफ्तों में, राष्ट्र ने खेल के क्षेत्र में दो प्रमुख उपलब्धियां दर्ज की हैं। राष्ट्रमंडल खेलों में ऐतिहासिक प्रदर्शन के अलावा, देश ने पहली बार शतरंज ओलिंपियाड की मेजबानी की।

हॉकी टीम की तारीफ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, हॉकी में हम जिस तरह अपना पुराना रूतबा हासिल कर रहे हैं वह काबिले तारीफ है। महिला और पुरूष दोनों टीमें बधाई की पात्र हैं। हमें खुशी है कि कई खेलों में मेडल जीतने के करीब थे। यह सुकून देने वाला था। बेटियों ने अच्छा प्रदर्शन किया। पूजा ने सिल्वर मेडल जीतने के बाद देश से माफी मांगी और भावुक हो गईं। उनके साथ पूरा देश भावुक हुआ और सोशल मीडिया पर लोगों ने कहा कि उन्हें माफी मांगने की जरूरत नहीं है।

‘आप मेडल जीत रहे थे, लोग आपके लिए रात में जग रहे थे’

मैंने आपसे कॉमनवेल्थ में जाने से पहले कहा था कि आप जीतकर आओगे तो आपके साथ विजय उत्सव मनाऊंगा। आप सभी को मेडल जीतने पर बधाई। आप बर्मिंघम में मुकाबला कर रहे थे, वहीं करोड़ों भारतीय रात में जागकर आपकी जीत के लिए दुआ करते थे। खेलों के प्रति दिलचस्पी बढ़ाने में आप लोगों का बहुत बड़ा योगदान रहा है।

‘आप आज के युवाओं के रोल मॉडल’

प्र.म. ने खिलाडिय़ों का उत्साहवर्धन करते कहा, जिस तरह से देश की आजादी के लिए हमारे वीर सपूत उतरे थे, उसी तरह आप भी मैदान में क्षेत्रीय भेदभाव को भूलकर एक साथ देश के लिए मेडल जीतने उतरते हैं। अभी ये शुरूआत है। हम इतने से संतुष्ट होकर बैठने वाले नहीं हैं।

भारत का खेलों का स्वर्णिम काल शुरू हो चुका है।

खेलों इंडिया और टॉप्स ने नई प्रतिभाओं को आगे लाने में महत्वूपर्ण योगदान है। अब आप एशियन गेम्स और ओलिंपिक गेम्स की तैयारी करें।

कुश्ती और वेटलिफ्टिंग में आए हैं सबसे ज्यादा मेडल

भारतीय एथलीटों ने बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में सबसे ज्यादा मेडल रेसलिंग और वेटलिफ्टिंग में जीते हैं। भारत 18वीं बार इन खेलों में हिस्सा ले रहा था और इसमें कुल 104 पुरूष और 103 महिलाओं ने हिस्सा लिया। भारत के लिए पुरूषों ने 35 और महिलाओं ने 26 मेडल अपने नाम किए। रेसलिंग में भारत ने कुल 12 मेडल अपने नाम किए। इस खेल में भारतीय पहलवानों ने 6 गोल्ड एक सिल्वर और 5 ब्रॉन्ज मेडल जीते।


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