समन्वित प्रयासों से कोरोना की दूसरी लहर को आने से रोकें : मुख्यमंत्री

बेंगलुरू के अपार्टमेंट में कोरोना विस्फोट
LUCKNOW, FEB 15 (UNI):- Uttar Pradesh Vidhan Parishad emlployees undergo coronavirus (Covid 19) testing before Budget Session U P Assembly at Vidhan Bhawan in Lucknow on Monday. UNI PHOTO-LKW PC 2U
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जयपुर, (कार्यालय संवाददाता)। मुख्यमंत्री  अशोक गहलोत ने कहा कि राजस्थान ने अब तक कोरोना का बेहतरीन प्रबंधन किया है। दुनिया में राजस्थान मॉडल की सराहना हो रही है। हमारा प्रदेश इसी तरह सुरक्षित बना रहे, इसके लिए जरूरी है कि वैक्सीनेशन पर जोर देने के साथ ही नई गाइडलाइन्स की प्रभावी पालना हो।

उन्होंने कहा कि बीते एक साल से कोरोना वॉरियर्स ने पूरे समर्पण से प्रदेश को कोविड-19 संक्रमण से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। कहीं ऐसा न हो कि हमारी जरा-सी लापरवाही से उनकी यह मेहनत बेकार चली जाए। गहलोत मंगलवार को मुख्यमंत्री निवास पर वीडियो कॉन्फेेंस के माध्यम से कोरोना संक्रमण को लेकर बैठक में सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर के सम्बन्ध में अध्ययन के लिए चिकित्सकों का एक समूह बनाया जाए, जो सभी महत्वपूर्ण पहलुओं का समुचित अध्ययन कर ऐसी रणनीति तैयार करे, जिससे राजस्थान इसके प्रकोप से बचा रह सके।  मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड रोकथाम के लिए जारी नई गाइडलाइन की प्रभावी पालना करायें। कोरोना को हराने के लिए मास्क पहनने, सोशल डिस्टेंसिंग, हाथ धोने, लक्षण नजर आने पर तुरंत जांच करवाने, सघन स्क्रीनिंग, कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग सहित अन्य उपायों पर फिर से जोर दिया जाए। उन्होंने इसके लिए गांव-ढाणी तक व्यापक जागरूकता अभियान को (शेष पृष्ठ ८ पर)

और अधिक गति देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनभागीदारी से ही आगे भी हम कोरोना संक्रमण को रोक पाएंगे।

गहलोत ने कहा कि दूसरी लहर से बचाव के लिए वैक्सीनेशन और सावधानियों का पालन दोनों ही अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। जो व्यक्ति वैक्सीन लगा चुके हैं, उन्हें भी मास्क लगाना जरूरी है। यूके तथा यूएसए जैसे देशों में कोरोना संक्रमण रोकने के लिए हर व्यक्ति को वैक्सीन लगाई जा रही है। इसे देखते हुए हमें भी अधिक से अधिक वैक्सीनेशन के लिए प्रयास करने होंगे। उन्होंने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि राजस्थान टीकाकरण में देश में मिसाल बनकर उभर रहा है। उन्होंने निर्देश दिए कि केन्द्र सरकार की गाइडलाइन के अनुरूप लोगों को जागरूक कर वैक्सीनेशन का प्रतिशत और अधिक बढ़ाया जाए।  प्रमुख शासन सचिव गृह  अभय कुमार ने बताया कि सभी कलक्टरों को नई गाइडलाइन की प्रभावी पालना कराने के निर्देश दिए हैं। नाइट कफ्र्यू तथा नगरीय क्षेत्रों में रात्रि 10 बजे बाद बाजार बंद करने जैसे उपायों को कड़ाई से लागू किया जा रहा है।  चिकित्सा सचिव  सिद्धार्थ महाजन ने कोरोना की स्थिति और वैक्सीनेशन के सम्बन्ध में विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने बताया कि कुछ दिनों लगातार पॉजिटिव केसों की संख्या बढ़ी है। एक सप्ताह में प्रतिदिन औसतन पॉजिटिव केसेज की संख्या 300 से बढ़कर 600 के आसपास पहुंच गई है। इसे देखते हुए सैंपलिंग भी 35 हजार प्रतिदिन तक कर दी गई है।

शासन सचिव स्वायत्त शासन  भवानी सिंह देथा ने कहा कि कोविड प्रोटोकॉल की पालना के लिए निरंतर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। बिना मास्क घूमने तथा सोशल डिस्टेंसिंग की पालना ना करने पर कार्यवाही की जा रही है। सूचना एवं जनसम्पर्क आयुक्त  महेन्द्र सोनी ने बताया कि ‘कोरोना अभी गया नहीं है’ की थीम पर जागरूकता अभियान को और अधिक व्यापक रूप से चलाया जा रहा है। सोशल मीडिया, इलेक्ट्रोनिक मीडिया, प्रिंट मीडिया, रेडियो, आउटडोर पब्लिसिटी सहित सभी प्रचार माध्यमों से लोगों को जागरूक किया जा रहा है। गांव-ढाणी तक कोरोना से बचाव का संदेश पहुंचाया जा रहा है। आरयूएचएस के कुलपति डॉ. राजाबाबू पंवार, एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सुधीर भण्डारी, डॉ. वीरेन्द्र सिंह सहित अन्य चिकित्सा विशेषज्ञों ने कोरोना की दूसरी लहर तथा वैक्सीनेशन को लेकर विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि जितना अधिक हम वैक्सीनेशन की गति को बढ़ाएंगे उतना ही संक्रमण को आसानी से रोक पाएंगे।  इस अवसर पर चिकित्सा राज्यमंत्री डॉ. सुभाष गर्ग, मुख्य सचिव  निरंजन आर्य, प्रमुख शासन सचिव वित्त  अखिल अरोरा, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक मुख्यालय  भूपेन्द्र दक, शासन सचिव चिकित्सा शिक्षा  वैभव गालरिया सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।


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