पंचतत्व में विलीन हुए प्रणब दा – नम आंखों से राष्ट्र ने दी श्रद्धांजलि

पंचतत्व में विलीन हुए प्रणब दा
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नई दिल्ली (एजेंसी)। राजनीति के अजातशत्रु और देश के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी पंचतत्व में विलीन हो गए हैं। उनके बेटे और कांग्रेस नेता अभिजीत मुखर्जी ने उन्हें मुखाग्नि दी। दिल्ली स्थित लोधी शमशान घाट में उनका अंतिम संस्कार किया गया।

कोरोना से संक्रमित होने के कारण एसओपी के तहत उनका अंतिम संस्कार हुआ। इसके चलते उनके शव को गन कैरिज के बजाय वैन में यहां लाया गया। उनके पुत्र अभिजीत बनर्जी और परिवार के बाकी सदस्य पीपीई किट पहने हुए नजर आएं।

इससे पहले उनके पार्थिव शरीर को 10, राजाजी मार्ग स्थित उनके सरकारी आवास पर लाया गया, जहां राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और तीनों सेनाओं के प्रमुखों सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने उनके अंतिम दर्शन करके श्रद्धांजलि अर्पित की। मोदी कैबिनेट ने भी उन्हें श्रद्धांजलि दी। बता दें कि पूर्व राष्ट्रपति 10 अगस्त को कोरोना संक्रमित पाए गए थे। जिसके बाद उन्हें दिल्ली कैंट स्थित सैन्य अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यहीं उन्होंने सोमवार को अंतिम सांस ली।

कोविड-19 के कारण नहीं मस्तिष्क ऑपरेशन के कारण हुआ निधन : अभिजीत मुखर्जी

प्रणब मुखर्जी के बेटे अभिजीत मुखर्जी ने कहा, उनकी उपस्थिति हमारे परिवार का सपोर्ट था, हम उसे हमेशा याद करेंगे। मुझे लगता है कि कोविड-19 उनकी मौत का मुख्य कारक नहीं था बल्कि मस्तिष्क ऑपरेशन था। मेरी योजना उन्हें पश्चिम बंगाल ले जाने की थी लेकिन मौजूदा प्रतिबंधों के कारण हम ऐसा नहीं कर सके।

घर को म्यूजियम और लाइब्रेरी में करेंगे तब्दील

अभिजीत ने कहा कि उनकी योजना पश्चिम बंगाल के जंगीपुर में अपने घर की एक मंजिल को पिता की याद में म्यूजियम और लाइब्रेरी में बदलने की है। अभिजीत ने कहा कि वह चाहेंगे कि सरकार उनके पिता के सम्मान में डाक टिकट जारी करे। अभिजीत ने कहा कि उनके पिता ने उनसे कहा था कि राजनीति में किसी से बदला लेने से बचना चाहिए। उनके संदेश स्पष्ट था और मैं इसे हमेशा याद रखूंगा।


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