प्र.म. मोदी ने किया हैदराबाद अहमदाबाद और पुणे का दौरा

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नई दिल्ली (एजेंसी)। मौजूदा दौर में पूरी दुनिया की कोरेाना वैक्सीन के निर्माण को लेकर तेजी देखी जा सकती है। भारत में भी इसके निर्माण को लेकर सरगर्मी है। प्र.म. मोदी शनिवार को कोरोना वैक्सीन के लिए देश के तीन निर्माण करने वाली कंपनियों के दौरे पर हैं। इन कंपनियों की गिनती न सिर्फ भारत बल्कि दुनिया की शीर्ष वैक्सीन कंपनियों में होती है। ये कंपनियां अबतक कई बीमारियों के टीके का निर्माण कर चुकी हैं। प्र.म. मोदी ने आज अहमदाबाद स्थित जायडस कैडिला, हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक और पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के दौरा किया।

जायडस कैडिला की वैक्सीन की स्थिति

जायडस कैडिला कंपनी अहमदाबाद में स्थित है। जायडस कैडिला दवा निर्माण की प्रमुख कंपनी है। देश में जायडस भी अन्य कंपनियों की तरह कोरोना वैक्सीन के निर्माण में लगी हुई है। इससे पहले जायडस कैडिला कंपनी ने घोषणा की है कि उसकी वैक्सीन के पहले फेज का ट्रायल पूरा हो चुका है। उसने अगस्त में वैक्सीन के दूसरे फेज का ट्रायल शुरू कर दिया था। कंपनी अब तीसरे फेज के टेस्टिंग की तैयारी में है। अब तक की रिपोर्ट के अनुसार, जायडस कैडिला की वैक्सीन अबतक 80 फीसदी कामयाब माना गया है।  जायडस ने कोविड-19 वैक्सीन बनाने के लिए विराक, नेशनल बायोफार्मा मिशन और केंद्र सरकार के बायोटेक्नोलॉजी विभाग के साथ समझौता किया है।

जायडस कैडिला कंपनी की वैक्सीन जायकोव डी नाम से आ रही है। जायडस कैडिला 17 करोड़ वैक्सीन बनाने की तैयारी में है। माना जा रहा है कि अगले साल मार्च तक जायडस कैडिला की वैक्सीन तैयार हो सकती है। प्र.म. मोदी शनिवार को कंपनी के अधिकारियों से वैक्सीन की निर्माण, स्टोरेज, वितरण और वैक्सीन की कीमत से जुड़े पहलुओं पर बात की।  जायडस बायोटेक पार्क का दौरा करने के बाद प्र.म. मोदी ने ट्वीट कर लिखा कि अहमदाबाद में जायडस बायोटेक पार्क का दौरा किया। जायडस कैडिला द्वारा विकसित किए जा रहे स्वदेशी डीएनए आधारित वैक्सीन के बारे में जानकारी हासिल की। मैं उनके काम के लिए इस प्रयास के पीछे टीम की सराहना करता हूं। भारत सरकार इस यात्रा में उनका समर्थन करने के लिए सक्रिय रूप से उनके साथ काम कर रही है।


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