Saturday , 23 June 2018
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कर्नाटक में कांग्रेस ने की जद-एस से गठबंधन की तैयारी

बेंगलुरू। कर्नाटक विधानसभा के लिए शनिवार को हुए मतदान के बाद सामने आए अधिकतर मतदान बाद सर्वेक्षणों में भारतीय जनता पार्टी की बढत का अनुमान लगाया गया है और इसे देखते हुए कांग्रेस ने उसे सत्ता से बाहर रखने के वास्ते जनता दल (सेक्यूलर) के साथ गठबंधन की तैयारी शुरू कर दी है।
सतही तौर पर कांग्रेस का कहना है कि वह बहुमत के लिए जरूरी 113 का आंकड़ा पार कर लेगी लेकिन सर्वेक्षणों में जिस तरह भाजपा को आगे दिखाया गया है उससे कांग्रेस के दोबारा सत्ता में आने के विश्वास को करारा झटका लगा है लिहाजा उसने जद (एस) की तरफ अपना रूख नरम कर दिया है। मतगणना शुरू होने से पहले मची राजनीतिक गहमागहमी में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खडगे मुख्यमंत्री पद की दौड़ में सबसे आगे आ गये हैं।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष तथा मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार बी एस येदयुरप्पा दावा कर रहे हैं कि पार्टी 125 से 130 सीटों पर जीत हासिल कर रही है और 17 मई को वह मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। इसके लिए वह 15 मई को दिल्ली जाने की योजना बना रहे हैं ताकि पार्टी अध्यक्ष अमित शाह तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत कर शपथ ग्रहण की तैयारियों में जुट सकें।
कुछ सर्वेक्षणों में कांग्रेस के सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरने का दावा किया जा रहा है हालंकि ज्यादातर सर्वेक्षणों में भाजपा के ही सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर सामने आने का अनुमान लगाया गया है। कांग्रेस दूसरे स्थान पर और जनता दल (एस) सरकार बनाने के लिए अब तक अहम भूमिका में नजर आ रही है। जनता दल (एस) के नेता एवं पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवगौड़ा ने कहा है कि वह (शेष पेज 8 पर)नतीजे से पहले सिद्धारमैया का दांव, कहा-दलित बने सीएम तो छोड़ दूंगा कुर्सीनई दिल्ली। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने रविवार को कहा कि अगर कर्नाटक में पार्टी किसी दलित को मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बिठाती है, तो मैं कुर्सी छोडऩे को तैयार हूं। सिद्धारमैया ने कहा कि उन्होंने आखिरी चुनाव लड़ा है, लेकिन राजनीति में बने रहेंगे।
इससे पहले भी एक इंटरव्यू में सिद्धारमैया ने कर्नाटक विधानसभा चुनाव को अपना आखिरी चुनाव बताया था।
कर्नाटक में वोटिंग के बाद नतीजों के आने में अभी एक दिन की देरी है, लेकिन एग्जिट पोल के मुताबिक राज्य में कांग्रेस की सरकार बनती दिख रही है। राज्य की 222 सीटों पर किए गए ‘आजतकÓ के एग्जिट पोल में कांग्रेस को 106-118 सीटें मिलने का अनुमान है। सर्वे में भाजपा को 79-92 सीट और जेडीएस को 22-30 सीट मिलती दिख रही है।
सर्वे के मुताबिक राज्य में दलित वोट भाजपा से छिटकता नजर आ रहा है। एग्जिट पोल में अनुसूचित जाति (एससी) का 42 फीसदी वोट कांग्रेस के हिस्से में गया है। वहीं अनुसूचित जनजाति (एसटी) का 48 फीसदी वोट पाने में कांग्रेस सफल होती दिख रही है। इसके विपरीत भाजपा को 33 फीसदी एससी वोट और 26 फीसदी एसटी वोट मिलने का अनुमान है।
कर्नाटक की तीसरी बड़ी पार्टी जेडीएस को 15 फीसदी एससी वोट और 17 फीसदी एसटी वोट मिलता दिख रहा है। वहीं अन्य के खाते में 9-9 फीसदी एससी-एसटी समुदाय का वोट जाने का अनुमान है। अगर यह सर्वे नतीजों के बाद सही पाया जाता है तो इस बात पर मुहर लग जाएगी कि देशभर में दलितों का जो गुस्सा है वह कर्नाटक के नतीजों को प्रभावित करने में सफल रहा है।खडगे की तीखी प्रतिक्रिया : वरिष्ठ के रूप में सीएम पद मिले तो स्वीकार, दलित के रूप में अस्वीकारकांग्रेस के वरिष्ठ नेता तथा लोकसभा में पार्टी के नेता मल्लिकार्जुन खडगे ने सिद्दारामैया के इस बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि यदि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता त्था कांग्रेस कार्यकर्ता के रूप में उन्हें मुख्यमंत्री पद देने की पेशकश की जाती है तो वह इसके लिए तैयार हैं लेकिन अगर दलित के रूप में उन्हें मुख्यमंत्री पद दिया जाता हैं तो इसे वह स्वीकार नहीं करेंगे।

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