राजस्थान में फिर सियासी संकट, उड़ान से पहले गहलोत समर्थकों ने करा दी पायलट की ‘क्रेश लैंडिंग’, 90 से ज्यादा विधायकों का इस्तीफा

Gehlot also clarified to Sonia as soon as the pilot came to Delhi - the argument did not work!
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गहलोत समर्थक विधायकों ने सुलह के रखे तीन बिंदु

  • नया सीएम सरकार बचाने वाले 102 विधायकों में से हो
  • 19 अक्टूबर को राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव के बाद नए सीएम की घोषणा की जाए
  • गहलोत के पसंद का ही मुख्यमंत्री बनाया जाए

एक बार फिर बाड़ाबंदी की संभावना!

जयपुर (कार्यालय संवाददाता)। राजस्थान की राजनीति एक नए मोड़ पर आ गई है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए नामांकन भरने की तैयारी है। उनकी जगह मुख्यमंत्री के रूप में हाईकमान की पसंद सचिन पायलट हैं, लेकिन गहलोत खेमा पायलट के नाम पर नाराज हो गया है। विधायक दल की बैठक से पहले ही गहलोत गुट के करीब 90 से ज्यादा विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी के घर पहुंचकर इस्तीफा दे दिया है। मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने दावा किया कि हमारे पास 92 विधायक हैं। हमारी एक ही मांग है कि बगावत करने वाले लोगों में से सीएम न बनाया जाए।

विधायक दल की बैठक रद्द होने के बाद ताजा घटनाक्रम को लेकर सीएम हाउस पर बैठक हुई। बैठक में अजय माकन, मल्लिकार्जुन खडग़े, गहलोत, पायलट, रघु शर्मा और कुछ वरिष्ठ मंत्री मौजूद रहे। गहलोत खेमे के विधायकों को मनाने और उनकी बात सुनने पर चर्चा की गई। कांग्रेस नेता आज ही सुलह करने की कोशिश कर रहे हैं।

वहीं अजय माकन ने कहा- हम दिल्ली नहीं जा रहे हैं। एक-एक विधायक से बात करेंगे। कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा- गहलोत से बात नहीं हुई, लेकिन जल्द समाधान होगा। उन्होंने कहा, न तो मैंने आज सीएम गहलोत से बात की न उन्होंने मुझे कॉल किया।

मुद्दे का जल्द समाधान निकाल लिया जाएगा। माना जा रहा है कि एक बार फिर राजस्थान में विधायकों की बाड़ाबंदी हो सकती है। इधर, मंत्री शांति धारीवाल, प्रताप सिंह खाचरियावास, महेश जोशी और निर्दलीय विधायक संयम लोढ़ा रविवार रात साढ़े 10 बजे सीएम निवास पहुंचे। रात को ऑब्जर्वर से बातचीत के बाद चारों स्पीकर जोशी के बंगले पर पहुंचे। मुख्यमंत्री गहलोत, खडग़े और माकन से हुई बातचीत का ब्योरा विधायकों को दिया। विधायकों ने 19 अक्टूबर तक कांग्रेस अध्यक्ष का रिजल्ट नहीं आने तक पार्टी की बैठक में शामिल नहीं होने की बात कही है। वहीं सचिन पायलट, उनके समर्थक एमएलए और कुछ अन्य विधायक विधायक दल की बैठक के लिए सीएम हाउस पहुंच गए थे। इसके पहले मुख्यमंत्री अशोक गहलोत प्रदेश प्रभारी अजय माकन और ऑब्जर्वर मल्लिकार्जुन खडग़े से मिलने होटल पहुंचे। छोटी सी मीटिंग के बाद तीनों सीएम हाउस पहुंचे। लेकिन कई विधायकों के नहीं पहुंचने से बैठक रद्द हो गई। गहलोत गुट के कई विधायकों ने विधायक दल की बैठक का बहिष्कार करने की सलाह दी थी। इस बैठक में 70 से ज्यादा विधायक मौजूद रहे। विधायक दल की बैठक से पहले मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि ऐसी बैठकों में एक लाइन का रिजोल्यूशन पास करते हैं कि जो हाईकमान तय करेगा, वही हमें मंजूर होगा। यह मीडिया ने फैलाया है कि मैं सीएम पद नहीं छोडऩा चाहता, मैंने तो 9 अगस्त को ही हाईकमान से कह दिया था कि जो सरकार रिपीट करवा सके, उसे ही सीएम बनाना चाहिए। इधर, मंत्री राजेंद्र गुढ़ा धारीवाल के बंगले के गेट से वापस लौट गए। उन्होंने कहा कि यहां 101 विधायक नहीं हैं।


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