सील अवैध निर्माण खोलने के लिए बनी पॉलिसी, जमा करवानी होगी सिक्योरिटी राशि; जेडीए कमिश्नर डीएलबी डायरेक्टर और यूआईटी सचिव को दी पावर

सील अवैध निर्माण खोलने के लिए बनी पॉलिसी, जमा करवानी होगी सिक्योरिटी राशि; जेडीए कमिश्नर डीएलबी डायरेक्टर और यूआईटी सचिव को दी पावर
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जयपुर (कार्यालय संवाददाता)। प्रदेश में सील हुए अवैध निर्माण को खोलने के लिए राज्य सरकार ने नई पॉलिसी बनाई है। इस पॉलिसी के तहत नगर निगम, नगर पालिका और नगर परिषद क्षेत्र में सील मकान, दुकान या अन्य निर्माण को खोलने के लिए अब स्थानीय स्वायत्त शासन निदेशालय भिजवानी होगी। डीएलबी डॉयरेक्टर के पास ही सील खोलने के अधिकार होंगे। विकास प्राधिकरण और यूआईटी एरिया में कमीश्नर और सचिव के पास सील खोलने के अधिकार होंगे। नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल की मंजूरी के बाद स्वायत्त शासन विभाग ने गुरूवार को  इस नीति को जारी किया है।

सील खुलवाने से पहले देनी होगी सिक्योरिटी राशि

जयपुर, उदयपुर समेत प्रदेश के सभी संभाग मुख्यालयों पर बने विकास प्राधिकरण, यूआईटी, नगर निगम या पालिका क्षेत्र में बिना स्वीकृति निर्माण करने पर अगर सील होता है तो उसे खुलवाने के लिए आवेदक को बिल्टअप एरिया की 50 रुपए प्रतिवर्ग फीट की दर से सिक्योरिटी राशि जमा करवानी होगी। इसके बाद 60 दिन में निर्माण का अप्रूवल लेना होगा।

इसी तरह व्यक्ति ने अगर भवन निर्माण की स्वीकृति ले रखी है और उस स्वीकृति से ज्यादा और सैटबैक में अवैध निर्माण कर लेता है, तो ऐसे प्रकरण में सील किए गए भवन को खुलवाने से पहले 300 रुपए प्रतिवर्ग फीट की दर से सिक्योरिटी राशि जमा करवानी होगी और 60 दिन में अवैध निर्माण हटाना होगा।

इसी तरह लैण्ड यूज के विपरित जाकर अगर कोई निर्माण करता है तो ऐसे मामले में सील बिल्डिंग को खुलवाने के लिए अवैध बिल्टअप क्षेत्र पर 300 रुपए प्रति वर्गफीट की दर से सिक्योरिटी राशि जमा करवाकर 90 दिन के अंदर लेंड यूज चेंज कराना होगा। इसके अलावा कृषि भूमि का बिना कन्वर्जन करवाए अगर कोई निर्माण करता है तो ऐसे मामले में बिल्टअप एरिया पर मौके डीएलसी रेट्स का 25 प्रतिशत की दर से सिक्योरिटी राशि जमा करवानी होगी। इसका 120 दिन के अंदर पट्टा लेना होगा।

अनुमति नहीं लेने पर जब्त होगी सिक्योरिटी राशि

सील भवन को खोलने के दिन से लेकर निर्धारित दिन तक आवेदक को निर्माण स्वीकृति या भू-उपयोग परिवर्तन या अवैध निर्माण हटाना होगा। अगर कोई आवेदक निर्धारित समय सीमा में अनुमति नहीं लेता है तो उसकी जमा सिक्योरिटी राशि को प्रशासन जब्त कर लेगा। अगर आवेदक समय पर अनुमति लेता है तो 10 फीसदी राशि प्रशासनिक शुल्क के रूप में काटकर शेष 90 फीसदी राशि लौटाई जा सकेगी।

अब भवन सील करने से पहले बनाना होगा मौके का नक्शा

नई नीति के तहत अब निकाय के अधिकारी कोई भी भवन को सील करने पहुंचता है तो उसे सील किए जाने वाले भवन का मौका नक्शा बनाना होगा। इसमें ये बताना होगा कि स्वीकृत किए गए नक्शे में कहां निर्माण करना था, कितना निर्माण अवैध किया दोनों को अलग-अलग रंग में दर्शाना होगा, ताकि सील खोलने के दौरान पता रहे कि भवन मालिक ने सील भवन के दौरान कोई नया निर्माण तो नहीं कर लिया।


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