प्र.म. मोदी का राष्ट्र के नाम संबोधन : दो बड़े ऐलान- 15-18 साल के बच्चों को 3 जनवरी से वैक्सीन, 10 जनवरी से हेल्थ वर्कर, बुजुर्गों को बूस्टर डोज

Share

नई दिल्ली (एजेंसी)। ओमिक्रॉन खतरे के बीच प्र.म. मोदी ने आज देश के नाम संबोधन किया। उन्होंने एक तरफ सभी से सावधानी बरतने की अपील की तो वहीं दूसरी तरफ बच्चों को वैक्सीन लगाने का फैसला भी ले लिया। प्र.म. ने बताया कि तीन जनवरी से 15 से 18 साल के बच्चों को कोरोना की वैक्सीन लगने लग जाएगी।

इसके अलावा प्र.म. ने अब हेल्थ वर्कर्स के लिए बूस्टर डोज का भी ऐलान कर दिया है। उनके मुताबिक 10 जनवरी से हेल्थ वर्कर्स को बुस्टर डोज दी जा सकेगी। इसके अलावा 60 साल ऊपर वाले जिन्हें कोई बीमारी नहीं है, उन्हें भी डॉक्टर की सलाह पर बुस्टर डोज देने की बात कही गई है। अब इन बड़े ऐलानों के बीच प्रधानमंंत्री ने अपने संबोधन के दौरान सभी से अपील की कि कोरोना कही गया नहीं है, ऐसे में सावधान और सर्तक रहने की जरूरत है। उन्होंने अपने भाषण में एक बार फिर मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग पर पूरा जोर दिया।

उन्होंने कहा कि ना पैनिक करने की जरूरत है और ना ही डरने की जरूरत है, सिर्फ सावधानी बरतनी है और सर्तक रहना है। प्र.म. ने देश को जानकारी दी कि सरकार अपने स्तर पर पूरी तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि हमारे पास 90 हजार बैड मौजूद हैं, 3 हजार से ज्यादा ऑक्सीजन प्लांट काम कर रहे हैं। वहीं अब कुछ समय में देश में नेजल और डीएनए वाली वैक्सीन भी आने वाली है। ऐसे में तैयारी पूरी है और इस महामारी से पूरी ताकत के साथ निपटा जाएगा।

प्र.म. ने अपने भाषण में इस बात पर भी जोर दिया कि उनकी सरकार ने हमेशा एक रणनीति के तहत काम किया। फिर चाहे वो चरणों में टीकाकरण अभियान को चलाना हो या फिर बच्चों की वैक्सीन पर फैसला लेना। प्र.म. की माने तो उनकी सरकार ने हमेशा एक्सपर्ट और वैज्ञानिक सुझाव को अहमियत दी है। जितने भी फैसले लिए गए हैं, वो हमेशा विचार कर लिए गए हैं।

अब प्र.म. ने सर्तक किया, बड़े ऐलान किए लेकिन इसके साथ-साथ देश की उपल्ब्धियों को भी गिनाया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कोरोना काल में देश ने अपने सामूहिक प्रयास से काफी कुछ हासिल किया है। वे कहते हैं कि भारत ने इस साल 16 जनवरी से अपने नागरिकों को वैक्सीन देना शुरू कर दिया था। ये देश के सभी नागरिकों का सामूहिक प्रयास और सामूहिक इच्छाशक्ति है कि आज भारत 141 करोड़ वैक्सीन डोज के अभूतपूर्व और बहुत मुश्किल लक्ष्य को पार कर चुका है। आज भारत की वयस्क जनसंख्या में से 61 प्रतिशत से ज्यादा जनसंख्या को वैक्सीन की दोनों डोज लग चुकी हैं। इसी तरह, वयस्क जनसंख्या में से लगभग 90 प्रतिशत लोगों को वैक्सीन की एक डोज लगाई जा चुकी है।

शाम को डीजीसीआई ने दी थी 12 साल के बच्चों को आपातकाल में कोवैक्सीन लगाने की मंजूरी

कोरोना वायरस के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के खतरे के बीच ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीजीसीआई) ने भारत बायोटेक की तरफ से तैयार की गई बच्चों की कोविड-19 वैक्सीन के आपातकालीन उपयोग की मंजूरी दे दी है। डीजीसीआई की मंजूरी के बाद भारत बायोटेक की वैक्सीन फिलहाल 12 से 18 साल तक के किशोरों को लगाई जा सकेगी। कोवाक्सिन ऐसी दूसरी वैक्सीन है, जिसका इस्तेमाल देश में 12 से 18 साल के बच्चों के लिए किया जा सकता है। इससे पहले जायकोव-डी पहला ऐसा टीका था, जिसे भारत के औषधि नियामक की ओर से 12 वर्ष और इससे अधिक आयु के लोगों के लिए अनुमति दी गई थी।


Share