एससीओ में प्र.म. मोदी का बड़ा संदेश, यूक्रेन युद्ध पर पुतिन को डेमोक्रेसी, डिप्लोमेसी और डायलॉग का दिया मंत्र

PM in SCO Modi's big message, given the mantra of democracy, diplomacy and dialogue to Putin on Ukraine war
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समरकंद (एजेंसी)। समरकंद में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन के दौरान भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन की मुलाकात हुई। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच बातचीत हुई।  प्र.म. मोदी ने इशारों-इशारों में रूस के राष्ट्रपति को युद्ध को लेकर एक सुझाव भी दे डाला। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह युग युद्ध का नहीं है। उन्होंने कहा कि डेमोक्रेसी, डिप्लोमेसी और डायलॉग से ही दुनिया को सही संदेश मिलेगा।  वहीं ऊर्जा-सुरक्षा पर भी इस दौरान चर्चा हुई। पहले यह मीटिंग आधे घंटे के लिए होनी थी, लेकिन दोनों के बीच करीब एक घंटे तक मुलाकात चली।

पुतिन ने रूस की यात्रा पर किया आमंत्रित

इस दौरान रूस के राष्ट्रपति ने भारतीय प्रधानमंत्री को रूस की यात्रा पर आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि हमारे बीच कंस्ट्रक्टिव रिश्ते रहे हैं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि भारत ने रूस से फर्टिलाइजर की जो मांग की है, उसे पूरी करेंगे। उम्मीद है कि भारत के कृषि क्षेत्र में मदद होगी। उन्होंने कहा कि बहुत सारे विषयों पर बात हुई। पिछले साल दिसंबर में बात हुई। इस बीच एक टेलीफोन पर बात हुई। इस दौरान द्विपक्षीय के साथ अन्य बातों पर भी चर्चा हुई।

प्र.म. मोदी ने जताया आभार

इसके बाद बोलते हुए प्र.म. मोदी ने कहा कि आपका और यूक्रेन का आभार व्यक्त करना चाहूंग। उन्होंने कहा कि आप दोनों की मदद से युद्ध के दौरान हम अपने स्टूडेंट्स को खतरे के बीस से बाहर निकाल पाए। उन्होंने कहा कि भारत और रशिया के संबंध कई गुना आगे बढ़े हैं। इस मौके पर प्र.म. मोदी ने अपनी और पुतिन की दोस्ती का भी जिक्र किया। प्र.म. मोदी ने कहा कि हम एक ऐसे मित्र रहे हैं जो पिछले कई दशकों से एक दूसरे के साथ रहे हैं। पूरी दुनिया यह बात जानती है। 2001 में आपसे पहली बार मिला तब मैं एक स्टेट हेड था था। तब से लगातार हमारी दोस्ती बढ़ती जा रही है। आज आपने भारत के लिए जो भावनाएं व्यक्त की हैं। उससे हमारे संबंध अच्छे होंगे और दुनिया की आशा भी पूरी होगी।

एससीओ की मीटिंग में मोदी बोले- दुनिया ऊर्जा और खाद्य संकट का सामना कर रही

इन मुलाकातों से पहले प्र.म. मोदी एससीओ की बैठक में शामिल हुए। मीटिंग में प्र.म. ने कहा- भारत एससीओ सदस्यों के बीच अधिक सहयोग और विश्वास का समर्थन करता है। उन्होंने कहा- दुनिया कोविड महामारी से उबर रही है। यूक्रेन क्राइसिस और कोरोना की वजह से ग्लोबल सप्लाई चेन में कुछ दिक्कतें आई हैं। विश्व ऊर्जा और खाद्य संकट का सामना कर रहा है। एससीओ देशों के बीच सप्लाई चेन विकसित करने का प्रयास करना चाहिए। इसके लिए बेहतर कनेक्टिविटी की जरूरत है।


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