आईपीएल में प्लेऑफ की जंग

Playoff battle in IPL
Share

गुजरात टॉप पर; इसके बाद राजस्थान-लखनऊ; बची एक पोजिशन के लिए 5 टीमों में टक्कर

मुंबई (कार्यालय संवाददाता)। आईपीएल 2022 के लीग चरण के आखिरी 5 मुकाबले बचे हैं। अब तक प्लेऑफ की चारों टीमों को लेकर तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं हो सकी है। गुजरात की टीम 13 मुकाबलों में 10 जीतकर 20 अंकों के साथ पहले पायदान पर मौजूद है और ऑफिशियली क्वालिफाई कर चुकी है।

राजस्थान और लखनऊ की टीमें 16-16 अंकों के साथ दूसरे और तीसरे स्थान पर मौजूद हैं। इन दोनों को टॉप 2 में फिनिश करने के लिए अपने आखिरी मैच जीतने होंगे। अगर दोनों टीमें अपने लास्ट लीग मैच जीत जाती हैं, तो रन रेट के आधार पर दूसरे नंबर की टीम का फैसला होगा। दिल्ली और बेंगलुरू की टीमें अपने-अपने आखिरी लीग मैच जीतकर 16 अंकों तक पहुंच सकती हैं। रेस में बची अन्य टीमें मुकाबले जीतकर भी केवल 14 पॉइंट्स तक ही आ सकती हैं। कुल मिलाकर मामला यह है कि मुंबई और चेन्नई को छोड़कर बाकी सारी टीमें प्लेऑफ की होड़ में बनी हुई हैं। आइए, आपको पॉइंट्स टेबल का पूरा गणित समझाने का प्रयास करते हैं।

दिल्ली के पास टॉप 4 टीमों में जगह बनाने का सबसे बेहतरीन मौका

दिल्ली कैपिटल्स ने 13 मुकाबले खेल लिए हैं और उसका नेट रन रेट 0.255 है। दिल्ली को अपना आखिरी मुकाबला मुंबई इंडियंस से खेलना है, जिसे उसने टूर्नामेंट के पहले मुकाबले में हराया था। दिल्ली कैपिटल्स ने पंजाब किंग्स के खिलाफ 17 रनों से शानदार जीत दर्ज की है।

प्लेऑफ में जगह बनाने की कोशिश कर रही बाकी टीमों के लिए यह बड़ा झटका है। दिल्ली का नेट रन रेट, जो पहले से ही बढिय़ा था, अब 0.255 हो गया है। हालांकि, पंजाब के जितेश शर्मा ने लगातार गिरते विकेट्स के बीच डट कर अंत में जो रन बनाए, उसके कारण दिल्ली को रन रेट के मामले में बहुत बड़ा फायदा नहीं मिला।

दिल्ली के नजरिए से, समीकरण सिंपल है। शनिवार को मुंबई इंडियंस के खिलाफ आखिरी गेम जीतें और प्लेऑफ में जगह बना लें। अगर वे उस मैच को हार भी जाते हैं और 14 अंक पर बने रहते हैं, तब भी उनके पास क्वालिफाई करने का एक अच्छा मौका है। अगर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू गुजरात टाइटंस से हार जाती है तो दिल्ली के लिए प्लेऑफ में एंट्री का बढिय़ा अवसर होगा। हालांकि, नेट रन रेट की बात आती है, तो दिल्ली अभी तक सुरक्षित नहीं है।

मान लीजिए कि दिल्ली अपना आखिरी गेम 30 रन (171 का पीछा करते हुए) से हार जाती है, तो उनका नेट रन रेट 0.123 तक गिर जाएगा। अभी कोलकाता नाइट राइडर्स का रन रेट 0.160 है, इसलिए अपने आखिरी गेम में किसी भी अंतर से जीते, वह 0.123 से ऊपर रहेगी। यदि दिल्ली 15 रन से हार जाती है, तो उनका नेट रन रेट 0.179 हो जाएगा।

हालांकि कोलकाता अपना आखिरी मैच दिल्ली के मैच से पहले खेलेगी। ऐसे में कोलकाता के मैच के बाद दिल्ली की टीम को प्लेऑफ में पहुंचने के लिए जरूरी समीकरण का पता चल जाएगा। अगर कोलकाता जीत जाती है, तो डीसी को जीत न मिलने की सूरत में कम अंतर से हारना होगा, ताकि वह टॉप 4 की रेस में बनी रहे।

पंजाब को प्लेऑफ तक पहुंचने के लिए होगी अच्छी किस्मत के साथ बड़ी जीत की दरकार

पंजाब किंग्स ने 13 मैच खेलकर 6 में जीत हासिल की है। उसके पॉइंट्स 12 हैं और नेट रनरेट -0.043 हो गया है। पंजाब को सीजन का आखिरी मुकाबला सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ खेलना है। दिल्ली से मिली हार के बाद पंजाब के लिए परिस्थिति गंभीर हो गई है। उनका नेट रन रेट निगेटिव हो गया है, और यहां तक कि हैदराबाद के खिलाफ अपने आखिरी गेम में 170 रन बनाने के बाद 40 रन की जीत भी इसे केवल 0.112 तक पहुंचा पाएगी।

हालांकि, पिछले कुछ मुकाबलों में टीमों को बड़े अंतर से जीत दर्ज करते हुए देखा गया है। ऐसे में पंजाब की टीम भी करिश्मा कर सकती है। साथ ही पंजाब लीग स्टेज का अंतिम मैच खेलेगी। इसका मतलब यह है कि उन्हें प्लेऑफ में पहुंचने की पूरी तस्वीर साफ पता चल जाएगी। साथ ही अगर बेंगलुरू या दिल्ली अपना अंतिम मैच जीत जाते हैं ,तो वे 16 अंकों तक पहुंच जाएंगे और पंजाब किंग्स प्लेऑफ में नहीं पहुंच पाएगी।

बेंगलुरू अगर हारी, तो 14 पॉइंट्स के बावजूद प्लेऑफ में पहुंच पाना होगा बेहद मुश्किल

रॉयल चैलेंजर्स बैंगलुरू 13 मैच खेलकर 7 में जीत हासिल कर चुकी है और उसका नेट रनरेट -0.323 है। आरसीबी का यही निगेटिव रनरेट उसके लिए सबसे बड़ी परेशानी का सबब बन गया है। बेंगलुरू की टीम चाहती है कि वह प्लेऑफ की दौड़ में बनी रहे, तो दिल्ली को अपना अंतिम मैच हारना होगा। भले ही बेंगलुरू 200 का स्कोर बना ले और अपना आखिरी गेम 100 रन से जीत ले, तब भी उसका नेट रन रेट केवल 0.071 तक ही सुधरेगा। अगर वे किसी भी अंतर से जीतते हैं, तो भी दिल्ली उनसे काफी आगे होगी। साथ ही अगर ये दोनों टीमें हार जाती हैं और 14 अंकों पर रहती हैं तो आरसीबी के क्वालिफिकेशन के लिए डीसी को काफी बड़े अंतर से हारना होगा।

दूसरे शब्दों में कहें तो आरसीबी को टेबल टॉपर्स गुजरात के खिलाफ अपना अंतिम मैच हर हाल में जीतना होगा। साथ ही उम्मीद करनी होगी कि एमआई के सामने दिल्ली को हार नसीब हो। बेंगलुरू के लिए मुसीबत ये भी है कि उसके सामने टेबल टॉपर जीटी होगी। 20 अंकों के साथ सबसे ऊपर मौजूद यह टीम भला हार कर प्लेऑफ में क्यों आना चाहेगी? दूसरी तरफ दिल्ली के सामने मुंबई होगी, जिसे डीसी एक बार पहले ही हरा चुकी है।

दिल्ली और बेंगलुरू की हार पर टिकी है कोलकाता की उम्मीदें

कोलकाता के पास अभी भी क्वालिफाई करने का मौका है। अगर कोलकाता अपना आखिरी मुकाबला जीत जाती है, तो उसे दिल्ली और बेंगलुरू की हार की दुआ करनी हेगी।  केकेआर का नेट रनरेट फिलहाल 0 .160 है और वह इसमें सुधार कर सकती है। लखनऊ सीजन में सिर्फ 2 बार मुकाबले टारगेट चेज करते हुए जीत सकी है। आखिरी 4 मैच में लखनऊ लक्ष्य का पीछा करते हुए हार गई है। ऐसे में  केकेआर अगर पहले गेंदबाजी करती है, तो उसके जीत की संभावना बढ़ जाएगी।

हैदराबाद ने मुंबई के खिलाफ 3 रन से जीत हासिल कर प्लेऑफ की उम्मीदों को जिंदा रखा है। हालांकि, अंतिम लीग मैच में पंजाब पर जीत दर्ज करने के बाद 14 अंकों पर पहुंच कर भी वह रन-रेट के मामले में पिछड़ सकती है।


Share