सरकार में खाली 9 में से 7 मंत्री पद चाहते हैं पायलट

गहलोत होंगे गुजरात चुनाव के पर्यवेक्षक, पायलट को हिमाचल का पर्यवेक्षक बनाया
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जयपुर (कार्यालय संवाददाता)। राजस्थान में सियासी संकट का समाधान ढूंढने में जुटी कांग्रेस पार्टी, सरकार और सचिन पायलट के बीच विवाद खत्म करने के फॉर्मूले पर मंथन कर रही है। हालांकि अभी तक सचिन पायलट की मांग पर फार्मूला तय नहीं हुआ है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि इस पर तेजी से काम किया जा रहा है। पार्टी सचिन के मसले और मांग के समाधान की कोशिश में जुटी है। दरअसल, गहलोत सरकार की कैबिनेट में अभी 9 पद खाली हैं। सचिन इनमें से 6-7 पद अपने लिए चाहते हैं।

कांग्रेस पार्टी को यह देखना है कि सचिन की मांग के अलावा 18 निर्दलीय और बीएसपी से कांग्रेस में शामिल हुए विधायकों की भी आकांक्षा कैसे पूरी की जाए। राजस्थान में पायलट बनाम गहलोत विवाद के बीच सूत्र ये भी कह रहे हैं कि कांग्रेस पार्टी को उन विधायकों की आकांक्षाओं को भी ध्यान में रखना है जो 6-7 बार से जीतते रहे हैं। इसके अलावा पार्टी में सचिन पायलट की भूमिका क्या होगी, यह भी कांग्रेस आलाकमान तय करेगी।

सूत्रों के मुताबिक पायलट 9 खाली पदों में से 6 से 7 मंत्री पद अपने समर्थकों के लिए चाहते हैं। पायलट की ख्वाहिश है कि उनके करीबी विधायकों को मंत्रिपरिषद में जगह दी जाए। ऐसे में कांग्रेस पार्टी इस संकट के समाधान का क्या फॉर्मूला ढूंढती है, इस पर सियासी जानकारों की निगाहें टिकी हैं। इधर, राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी भाजपा लगातार कांग्रेस के अंदरूनी संकट पर निगाह बनाए हुए है। पार्टी नेता सचिन पायलट और प्रदेश पीसीसी अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के दिल्ली दौरे पर लगातार टिप्पणी भी कर रहे हैं।

पायलट और डोटासरा के दिल्ली दौरे को लेकर भाजपा के वरिष्ठ नेता और विधानसभा में उप नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस के विधायक रूपी धावक दौड़ लगा रहे हैं और पता नहीं वह किधर चले जाएं। राठौड़ ने कहा कि राजस्थान में अपमान की राजनीति हावी हो रही है, जिसका भुगतान प्रदेश की जनता को करना पड़ रहा है। विकास ठप है और व्यवस्थाएं चरमरा गई हैं।

‘देश को प्राथमिकता देने वालों के लिए खुला है दरवाजा’

नई दिल्ली (एजेंसी)। राजस्थान में अपनी ही सरकार और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से नाराज चल रहे कांग्रेस नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट पर भारतीय जनता पार्टी डोरे डालने में जुट गई है। भाजपा ने इशारों में पायलट को ऑफर देते हुए कहा है कि पार्टी का दरवाजा उन सभी लोगों के लिए खुला हुआ है जो देश को पहली प्राथमिकता देते हैं। भाजपा के सासंद राज्यवर्धन सिंह राठौर ने कहा है कि कांग्रेस पार्टी में कोई विजन नहीं बचा है और इसलिए नेताओं को पार्टी छोड़कर विजन वाली दूसरी पार्टी में जाना होगा।

पूर्व ओलंपियन निशानेबाज राठौर ने सचिन पायलट के भाजपा में शामिल होने के सवाल के जवाब में कहा, हमारी पार्टी उन सभी लोगों के लिए खुली हुई है जो देश को प्राथमिकता देते हैं और अपनी विचारधारा ‘इंडिया फस्र्टÓ कर सकते हैं। कांग्रेस पार्टी में फूट के लिए राष्ट्रीय नेतृत्व को जिम्मेदार बताते हुए राठौर ने कहा, जब केंद्र में आपका नेतृत्व कमजोर होता है तो क्षेत्रीय नेता अपनी मनमर्जी करते हैं, भले ही आपका संदेश कुछ भी हो, चाहे पंजाब हो या राजस्थान। विजन नहीं होने की वजह से नेता पार्टी छोड़कर विजन वाली पार्टी जॉइन करेंगे।


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