टेरिटोरियल आर्मी में कैप्टन बने पायलट, युद्ध वाली यूनिफार्म पहनकर सिख रेजिमेंट की यूनिट के साथ की ड्रिल

Pilot became Captain in Territorial Army- Former Deputy CM Sachin Pilot has become Captain in Territorial Army.
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जयपुर (कार्यालय संवाददाता)। पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट प्रादेशिक सेना (टेरिटोरियल आर्मी) में कैप्टन बन गए हैं। सचिन पायलट का हाल ही कैप्टन पद पर प्रमोशन हुआ है। पायलट ने आज दिल्ली में 124 सिख रेजिमेंट की जनरल मीटिंग और ड्रिल में हिस्सा लिया।आज पायलट आर्मी की कॉम्बैट ड्रेस में नजर आए। सचिन ने टेरिटोरियल आर्मी में शामिल होने के बाद पहली बार आर्मी की कॉम्बैट यूनिफॉर्म पहने हुए फोटो ट्वीट की हैं। कॉम्बैट यूनिफॉर्म आर्मी में युद्ध और फील्ड ऑपरेशन में पहनी जाती है। सचिन पायलट ने सिंतबर 2012 में केंद्रीय मंत्री रहते हुए टेरिटोरियल आर्मी में लेफ्टिनेंट के तौर पर ज्वायन किया था। पायलट उसके बाद हर साल कुछ समय के लिए टेरिटोरियल आर्मी में कुछ समय सेवा देते हैं। पायलट को सिख रेजिमेंट दी गई है। पायलट को नौ साल बाद अब कैप्टन पद पर प्रमोशन दिया गया है। पायलट दिल्ली दौरे के समय साल में कई बार अपनी यूनिट में जाते हैं और बैठकों में शामिल होते हैं।

युद्ध के समय टेरिटोरियल आर्मी की भी अहम भूमिका : टेरिटोरियल आर्मी एक वॉलंटियर सर्विस होती है लेकिन इसमें प्रवेश के लिए वही प्रक्रिया है जो आर्मी की है। लिखित और शारीरिक दक्षता परीक्षा पास करना होता है। टेस्ट के बाद सलेक्ट होने वालों को आर्मी की ट्रैनिंग दी जाती है। यह ट्रैनिंग हर साल चलती रहती है। टेरिटोरियल आर्मी में अफसर बनने वालों को साल में कुछ दिन अलॉटेड यूनिट में सेवा देनी होती है। युद्ध में जरूरत पडऩे पर टेरिटोरियल आर्मी के अफसर-जवानों को बुलाया जा सकता है। टेटिोरियल आर्मी में अफसर बनने के लिए किसी भी विषय में ग्रेजुएट होना पहली शर्त है, बाद में लिखित और दूसरी परीक्षाएं पास करनी होती हैं।


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