आम जनता की जेब को खाली कर रहा पेट्रोल डीजल!

आम जनता की जेब को खाली कर रहा पेट्रोल डीजल!
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देश की राजधानी में आज पेट्रोल के दाम 82 रुपये / लीटर से भी ऊपर हो गए।तथा डीजल के दाम भी 72 रुपये/ लीटर  के पीर चले गये हैं।

20 दिसंबर से अब तक ईंधनों के दामों में नौवीं उछाल आया हैं।

वैक्सीन के आने की खबरो के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में उछाल आया जिसके चलते आज पेट्रोल के दाम  24 पैसे प्रति लीटर व डीजल के दामों में 27 पैसे प्रति लीटर का उछाल दर्ज किया गया

9 दिन में पेट्रोल 1.07 व डीजल की कीमतों में 1.67 रुपये इजाफा हुआ हैं।

इस हफ्ते के उतार चढा़व –

शहर पेट्रोल (रू/लीटर) डीजल

(रू/लीटर)

दिल्ली 82.34 72.42
मुबंई 89.02 78.97
चेन्नई 85.31 77.84
जयपुर 89.55 81.28
चंडीगढ़ 79.08 71.88
भोपाल 90.05 80.10

 

आखिर क्यों बढ़ रहे हैं दाम?

ऑटो ईंधन की कीमतों में लगातार नौवें दिन बढ़ोतरी हुई, क्योंकि तेल कंपनियों ने 82 दिन के अंतराल के बाद रविवार से संशोधित कीमतों को फिर से शुरू किया।

फरवरी से क्रूड की कीमतों में लगातार गिरावट आ रही है।सिद्धांत रूप में, भारत में पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतें वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों से जुड़ी हैं।जिसका मतलब है कि अगर कच्चे तेल की कीमतें गिरती हैं, तो खुदरा कीमतों में भी कमी आनी चाहिए।

लेकिन भारत में तेल की कीमतों में कमी होना एक तरह से व्यंग्य सा लगता है क्योंकि जब वैश्विक कीमतें बढ़ती हैं, तो यह भार उपभोक्ता को दिया जाता है, जिससे उसको खपत किए गए प्रत्येक लीटर ईंधन के लिए अधिक खर्च करना पड़ता है। लेकिन जब रिवर्स होता है और कीमतें नीचे जाती हैं, तो सरकार – डिफ़ॉल्ट रूप से – ताजे करों का थप्पड़ जनता को मारती है  ताकि उनका राजस्व खजाना बढ़ता रहें ।

मन मानी कर रही कंपनियाँ-

भारतीय ईधन कंपनियाँ- भारतीय पेट्रोलियम लिमिटेड, इंडियन ऑयल पैट्रोलियम लिमिटेड, रिलायंस पैट्रोलियम लिमिटेड, हिंदुस्तान, पैट्रोलियम लिमिटेड इत्यादि सभी कंपनियों अपने हिसाब से पेट्रोल में डीजल की कीमतों को  अपने टैक्स व खर्चो को जोड़कर निर्धारित करती है।जिससे कीमते बढ़ जाती हैं।

 


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