ईंधन की कीमतों पर नियंत्रण की मांग वाली याचिका खारिज

ईंधन की कीमतों पर नियंत्रण की मांग वाली याचिका खारिज
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नई दिल्ली (एजेंसी)। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इजाफे पर दखल देने की मांग वाली याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है। याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट से मांग की थी कि उसे पेट्रोल और डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों को लेकर दखल देना चाहिए ताकि मूल्यों पर नियंत्रण हो सके। सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका पर सुनवाई से ही इनकार कर दिया है। फिलहाल दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 82.08 रूपये प्रति लीटर है, जबकि डीजल का रेट 73.16 रूपये प्रति लीटर है। मुंबई में सबसे ज्यादा 88.73 रूपये लीटर में पेट्रोल बिक रहा है, जबकि डीजल की कीमत 79.69 रूपये लीटर है।

इंडियन ऑयल की वेबसाइट के मुताबिक कोलकाता में 83.57 रूपये में पेट्रोल की बिक्री हो रही है, जबकि 79.69 रूपये प्रति लीटर के रेट में डीजल की बिक्री हो रही है। केंद्र सरकार की ओर से मई में पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी 10 रूपये और डीजल पर 13 रूपये बढ़ा दी गई थी। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कीमतों में गिरावट का फायदा भले ही ग्राहकों को नहीं मिला है, लेकिन केंद्र सरकार ने ड्यूटी बढ़ाकर अपने खजाने को भरने में जरूर मदद हासिल की है। एक रिपोर्ट के मुताबिक एक्साइज ड्यूटी में बढ़ोतरी से सरकार को 1.6 लाख करोड़ रूपये का अतिरिक्त राजस्व हासिल होगा।

मोदी सरकार की ओर से एक्साइज ड्यूटी बढ़ाए जाने के बाद कई राज्यों ने भी वैट की दरें बढ़ाईं हैं। इसके चलते दुनिया में क्रूड की कीमतें घटने के बाद भी भारत में उपभोक्ताओं को राहत नहीं मिल पाई है। बता दें कि पेट्रोल और डीजल को लंबे समय से जीएसटी के तहत लाए जाने की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक इस संबंध में कोई फैसला लिए जाने के संकेत नहीं मिले हैं।

दरअसल केंद्र सरकार की ओर से एक्साइज ड्यूटी में इजाफा कर अपने खजाने को भरने की कोशिशें की जा रही हैं ताकि कोरोना काल में फंड की कमी के संकट से निपटा जा सके। भारत उन देशों में से एक है, जहां पेट्रोल और डीजल पर सबसे ज्यादा टैक्स की वसूली की जा रही है।


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