पवार ने की गडकरी की तारीफ, बोले- ‘महाराष्ट्र की मदद करने वाला सिर्फ एक मंत्री’

पवार ने की गडकरी की तारीफ, बोले- 'महाराष्ट्र की मदद करने वाला सिर्फ एक मंत्री’
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मुंबई (कार्यालय संवाददाता)। महाराष्ट्र में फिलहाल महाविकास अघाड़ी सरकार  है। राज्य में आगामी 10 जून को राज्यसभा के चुनाव  करवाये जाने हैं। ऐसे में राज्य का सियासी पारा भी काफी गर्म है। इस दौरान एमवीए और भाजपा नेताओं के बीच में जुबानी जंग भी काफी तेज हो गयी है। इसी बीच एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार  ने भाजपा के आला नेता और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी   की जमकर तारीफ की है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार में गन्ने का मसला हो या फिर शक्कर का या कोई अन्य समस्या। हर मौके पर मदद के लिए सामने आने वाले सिर्फ एक ही मंत्री हैं। जिनका नाम नितिन गडकरी है। शरद पवार ने पुणे के मांजरी स्थित वसंत दादा इंस्टीटूट में राज्य स्तरीय चीनी परिषद में यह बात कही।

उन्होंने बताया कि पिछले साल गन्ना उत्पादन में उत्तर प्रदेश पहले नंबर पर था। हालांकि इस बार महाराष्ट्र ने इस मामले में पहले पायदान में अपना कब्जा जमाया है। लिहाजा चीनी मिलों पर अतिरिक्त भार पडऩे की उम्मीद है। परिणामस्वरूप चीनी  उत्पादन के और भी बढऩे के आसार हैं। पवार ने कहा कि यदि मौसम ने साथ दिया और समय पर बारिश हुई तो गन्ने की खेती और भी अच्छी होगी।

गन्ने की कटाई का भी नियोजन उचित नियोजन हो : शरद पवार ने कहा कि इस वर्ष अभी गन्ने की कटाई के संदर्भ में उचित कदम उठाने होंगे। इस बार चीनी निर्यात भी ठीक हुआ है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष भी अच्छी तादाद में उत्पादन की उम्मीद है। एक अंदाज के अनुसार 90 लाख टन से भी ज्यादा चीनी का निर्यात हुआ है। इसी दौरान 64 लाख टन चीनी निर्यात के संबंध में करार भी हुआ है। भारत ने इस साल 121 देशों में चीनी का निर्यात किया है। यह उपलब्धि पहली बार देश को मिली है।

…तो उत्पादन भी बढ़ेगा : शरद पवार ने कहा की किसानों को निश्चित रूप से दो पैसे दिलवाने वाली फसल नहीं है। गन्ने की फसल अच्छी हो इसके लिए काफी प्रयास करने पड़ते हैं। गन्ना विकास योजना ठीक से अमल में नहीं लाई जाती है। जिसका दुष्प्रभाव गन्ने की फसल पर होता है। पवार ने कहा कि यदि गन्ना विकास योजना को प्रभावी ढंग से लागू किया तो उत्पादन में कई गुना बढ़ोतरी हो सकती है।

पवार ने यह भी कहा कि अब लगातार बिजली की मांग बढ़ रही है। जबकि उस मात्रा में कोयला नहीं बन पा रहा है। राज्य में 6 हजार मेगावॉट बिजली की कमी है। जिसकी वजह से बाहर से भी बिजली खरीदनी पड़ रही है।


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