भूमि पूजन कराने वाले पंडित ने अब मांगी दक्षिणा

Bhumi Pujan Pandit
Share

-दक्षिणा के रूप में गंगाधर पाठक की मांग- गोहत्या मुक्त हो भारत देश

-उन्होंने यह भी मांगा कि अयोध्या के बाद मथुरा और काशी को भी मुक्त कराया जाए
मथुरा (एजेंसी)। कान्हा की नगरी वृन्दावन से अयोध्या में रामलला के भव्य मंदिर के नींव पूजन कार्यक्रम को विधिवत संपन्न कराकर लौटे आचार्य पंडित गंगाधर पाठक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से दक्षिणा मांगी है। उनका कहना है कि अब राम मंदिर के बाद काशी और मथुरा को भी मुक्त कराया जाए। साथ ही भारत को गोहत्या से मुक्त कराया जाए। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट के लोगों ने उन्हें दक्षिणा मांगने से उस वक्त रोक दिया।

पंडित गंगाधर का कहना है कि पूजन में यजमान प्र.म. नरेंद्र मोदी से वह दक्षिणा में तीन चीजें मांगना चाहते थे और पूजा में ब्राह्मण का यजमान से दक्षिणा मांगना कोई अपराध भी नहीं है लेकिन ट्रस्ट के लोगों ने माहौल को देखते हुए मुझे दक्षिणा मांगने से रोक दिया। अब अयोध्या से लौटे आचार्य पंडित गंगाधर पाठक का कहना है कि उस समय के माहौल को देखते हुए तो मैंने इशारे में ही दक्षिणा मांगी लेकिन अब मीडिया के माध्यम से उनतक अपनी बात पहुंचाना चाहता हूं। उनका कहना है कि दक्षिणा में तीन चीजें रखना चाहता हूं, जिसमें पहली है- भारत गोहत्या के कलंक से मुक्त हो, दूसरा काशी विश्वनाथ और श्रीकृष्ण जन्मभूमि अभी संक्रमित बने हुए हैं ये झगड़े भी समाप्त हों। उनका कहना है कि मैंने जो बात छिपाकर पीएम से कही वही अब मीडिया के माध्यम से स्पष्ट तौर पर कहना चाहता हूं।

-‘राम मंदिर का भूमि पूजन कराना मेरा सौभाग्य

बता दें कि भगवान श्रीकृष्ण की क्रीड़ास्थली और लीलाभूमि वृन्दावन स्थित कैलाश नगर निवासी आचार्य पंडित गंगाधर पाठक में 5 अगस्त को अयोध्या में राम मंदिर के लिए भूमि पूजन का मुख्य कार्यक्रम विधिवत तरीके से संपन्न कराया। इस कार्यक्रम में मुख्य यजमान पीएम मोदी रहे। पंडित गंगाधर पाठक का कहना है कि राम मंदिर की भूमि पूजन की पूजा के लिए उन्हें अवसर मिला, इसे वे अपना सौभाग्य मानते हैं।

पूजा के बाद यजमान से दक्षिणा मांगने के सवाल पर उन्होंने कहा कि ब्राह्मण का पूजा के बाद यजमान से दक्षिणा मांगना कोई अपराध तो है नहीं। उन्होंने बताया कि दक्षिणा में वे तीन बातें स्पष्ट तौर पर पीएम मोदी के समक्ष रखना चाहते थे और इसके बारे में पहले ट्रस्ट के लोगों से चर्चा भी की लेकिन माहौल को देखते हुए ट्रस्ट ने उन्हें इस मौके पर ये बातें पीएम के सामने रखने से मना किया था। उन्होंने बताया कि फिर भी मैंने इशारे में उनको बोला था सनातनियों को अभी भी बहुत सारी समस्याओं का सामना करना पड़ा रहा है, जिससे हम दुखी रहते हैं इसलिए 5 अगस्त का शुभ मुहूर्त कुछ और विशेष कार्यों से जुड़ जाए।

-‘समाप्त हो मथुरा-काशी का भी झगड़ा

आचार्य गंगाधर पाठक का कहना है कि जो बातें इशारे में छिपकर कहीं थीं, अब मीडिया के माध्यम से में ये तीन बातें स्पष्ट रूप से उनतक पहुंचाना चाहता हूं। उन्होंने कहा कि भारत की भूमि गोहत्या के कलंक से मुक्त हो, काशी विश्वनाथ और श्रीकृष्ण जन्मभूमि अभी संक्रमित बने हुए हैं ये झगड़े भी समाप्त हों।


Share