‘योग हमारे ब्रह्मांड में शांति लाता है’, प्र.म. मोदी ने ऐतिहासिक मैसूर पैलेस में 15 हजार प्रतिभागियों के साथ योग किया

'Yoga brings peace to our universe', P.M. Modi performed yoga with 15,000 participants at the historic Mysore Palace
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मैसूरू  (एजेंसी)।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस वर्ष यहां के ऐतिहासिक मैसूर पैलेस में आयोजित आठवें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि योग से सिर्फ किसी इंसान को ही शांति का अनुभव नहीं होता है, बल्कि योग ब्रह्मांड में शांति लेकर आता है।

मोदी ने प्राचीन भारत के ऋषि-मुनियों को उद्धृृत करते हुए कहा, योग हमारे लिए शांति लाता है। योग से शांति केवल लोगों को नहीं मिलती, बल्कि योग समाज, राष्ट्र और विश्व के साथ ही पूरे ब्रह्मांड में शांति लाता है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, पूरे ब्रह्मांड की शुरूआत हमारे अपने शरीर और आत्मा से होती है। ब्रह्मांड की शुरूआत हमसे ही होती है। योग शरीर की हर चीज के प्रति जागरूक बनाता है और जागरूकता का एक भाव पैदा करता है।

मोदी ने कहा, अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी हमने इस बार ‘गार्डियन ङ्क्षरग ऑफ योग’ का ऐसा ही अभिनव प्रयोग पूरे विश्व भर में हो रहा है। उन्होंने कहा, दुनिया के अलग-अलग देशों में सूर्योदय के साथ, सूर्य की गति के साथ, लोग योग कर रहे हैं। मोदी ने कहा, दुनिया के लोगों के लिए योग आज जीवन का हिस्सा नहीं, बल्कि योग अब जीवन का रास्ता बन रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा, भारत में हम इस बार योग दिवस हम एक ऐसे समय पर मना रहे हैं जब देश अपनी आजादी के 75वें वर्ष का पर्व मना रहा है, अमृत महोत्सव मना रहा है। मोदी ने कहा, योग दिवस की ये व्यापकता, ये स्वीकार्यता भारत की उस अमृत भावना की स्वीकार्यता है जिसने भारत के स्वतन्त्रता संग्राम को ऊर्जा दी थी।

आयुष मंत्रालय और कर्नाटक सरकार मैसूरू के मैसूरू पैलेस में प्रांगण में मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मुख्य कार्यक्रम में  प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी  15,000 से अधिक प्रतिभागियों के साथ योग किया। आयुष मंत्रालय की एक विज्ञप्ति के अनुसार भारत और दुनिया भर में 25 करोड़ से  अधिक लोग अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रमों में भाग लिया। इस वर्ष के अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के 8वें संस्करण का विषय ‘मानवता के लिए योग’ है। प्रधानमंत्री कार्यालय की विज्ञप्ति के अनुसार मैसूर में मुख्य समारोह में कर्नाटक के राज्यपाल  थावरचंद गहलोत, कर्नाटक के मुख्यमंत्री  बसवराज एस बोम्मई, केंद्रीय आयुष, पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्री  सर्बानंद सोनोवाल और आयुष मंत्रालय तथा कर्नाटक सरकार के अधिकारी एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति भी शामिल हुए।


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