विपक्ष ने किया दोनों सदनों का बायकॉट

विपक्ष ने किया दोनों सदनों का बायकॉट
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नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र का मंगलवार को नौवां दिन है। संसद के दोनों सदनों में विपक्षी दलों के 8 सांसदों के निलंबन का मुद्दा उठा। इसके अलावा, कृषि बिलों के विरोध में कांग्रेस और दूसरे विपक्षी दलों ने राज्यसभा के बाद लोकसभा की कार्यवाही का भी बायकॉट किया।

राज्यसभा सांसद गुलाम नबी आजाद ने कहा कि जब तक सांसदों का निलंबन वापस नहीं लिया जाता और कृषि बिल से जुड़ी चिताएं दूर नहीं होतीं, तब तक संसद सत्र का बायकॉट जारी रखेंगे। इस बीच, कृषि से जुड़ा तीसरा एसेंशियल कमोडिटीज (अमेंडमेंट) बिल राज्यसभा में पास हो गया।

प्रह्लाद जोशी ने कहा- एक सदन की घटना पर दूसरे सदन में चर्चा नहीं हो सकती : लोकसभा में संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा, एक सदन में क्या होता है, इसकी चर्चा दूसरे सदन में कभी नहीं हो सकती। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि अब इस पर चर्चा की जा रही है। उपसभापति की पिटाई करने की हद तक ये लोग गए, पर मैं इसकी चर्चा नहीं करना चाहता। दरअसल, कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा था कि राज्यसभा और लोकसभा जुड़वा भाई जैसे हैं… अगर एक परेशान है तो दूसरा चिंतित होगा ही। हमारे मुद्दे कृषि बिल से जुड़े हैं। हम चाहते हैं कि इन्हें वापस लिया जाए। अगर तोमरजी इसे वापस ले लें तो हमें सत्र को आगे चलाने में कोई समस्या नहीं है।

वेंकैया नायडू की अपील- सदन में चर्चा जारी रखें

राज्यसभा के सभापति वेंकैया नायडू ने मंगलवार को विपक्ष के बायकॉट पर कहा, बायकॉट के फैसले पर फिर से विचार करें और सदन में चर्चा जारी रखें। सांसदों के व्यवहार की वजह से उनके खिलाफ कार्रवाई की गई। हम किसी सदस्य के खिलाफ नहीं हैं। सांसदों के निलंबन से मैं भी खुश नहीं हूं। केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि निलंबित सांसद अपने व्यवहार पर माफी मांग लें तो निलंबन वापस लेने पर विचार किया जाएगा। हमें उम्मीद है कि सदन में इस तरह के हंगामे का कांग्रेस भी विरोध करेगी।

एनसीपी नेता शरद पवार ने कहा, वह सांसदों के निलंबन के खिलाफ चल रहे आंदोलन का हिस्सा बनेंगे। इनके समर्थन में एक दिन का उपवास करेंगे। 8 निलंबित सांसदों ने आज सुबह 11 बजे अपना धरना खत्म कर दिया। वे संसद परिसर में गांधी प्रतिमा के सामने सोमवार दोपहर से धरने पर बैठे थे।


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