जिंदा रहोगे तभी तो त्यौहार मना पाओगे

जिंदा रहोगे तभी तो त्यौहार मना पाओगे
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नई दिल्ली (एजेंसी)। छठ पूजा के सामूहिक आयोजन पर पाबंदी को लेकर विपक्ष के किरकिरी झेल रही अरविंद केजरीवाल सरकार को दिल्ली हाई कोर्ट ने बड़ी राहत दी है। हाई कोर्ट ने भी छठ पर पाबंदी लगाने के सरकार के फैसले को हरी झंडी दे दी है। कोर्ट ने कहा कि छठ पूजा के सामूहिक आयोजन की अनुमित देने पर कोविड-19 महामारी में तेज वृद्धि की आशंका रहेगी। वहीं, उप-राज्यपाल अनिल बैजल ने भी दिल्ली सरकार को कुछ इलाकों में स्थानीय स्तर पर लॉकडाउन लगाने की अनुमति दे दी है।

जिंदा रहोगे, तभी तो कोई त्यौहार मना पाओगे : हाई कोर्ट

दिल्ली सरकार के फैसले के खिलाफ छठ पूजा के आयोजन की अनुमति लेने के लिए दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दी गई थी। इस पर कड़ी टिप्पणी करते हुए हाई कोर्ट ने कहा कि ‘जिंदा रहोगे, तभी तो कोई त्यौहार मना पाओगे।Ó हाई कोर्ट ने यह कहते हुए याचिका ठुकरा दी कि लगता है याचिकाकर्ता को दिल्ली के हालात की जानकारी नहीं है। ऐसे हालातों में भीड़ इकट्ठा होने की इजाजत नहीं दी जा सकती।

भाजपा ने केजरीवाल सरकार पर साधा निशाना

दरअसल, त्यौहारी सीजन में लोगों ने काफी लापरवाही बरतते हुए कोविड-19 महामारी से बचान के नियमों की खुलकर धज्जियां उड़ाईं। ऊपर से प्रदूषण के बढ़ते स्तर ने आग में घी का काम किया और राष्ट्रीय राजधानी में कोरोना विस्फोट होने लगा। दिल्ली सरकार ने फिर से भीड़ जुटने की आशंका में छठ पूजा के सामूहिक आयोजन पर रोक लगाने का फैसला किया। इस मुद्दे भाजपा और कांग्रेस, दोनों विपक्षी दलों ने केजरीवाल सरकार को निशाने पर ले लिया। इसी कड़ी में दिल्ली भाजपा के पूर्व अध्यक्ष और सांसद ने मनोज तिवारी ने सीएम अरविंद केजरीवाल को अपशब्द तक बोल दिए है। तिवारी ने कहा कि गाइडलाइंस के नाम पर झूठा ड्रामा किया जा रहा है।

पूर्वांचलियों पर डोरे डालने की राजनीति

दरअसल, दिल्ली में पूर्वांचलियों की संख्या अच्छी-खासी है। इस कारण वो चुनावों में प्रभावी भूमिका निभाते हैं। ऐसे में दिल्ली सरकार जहां छठ पूजा पर पाबंदी को लेकर फूंक-फूंक कर कदम रख रही है तो भाजपा इस फैसले को पूर्वांचलियों के खिलाफ बताने में जुटी है। इस बीच हाई कोर्ट का फैसला केजरीवाल सरकार के लिए वाकई किसी राहत से कम नहीं है।


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