रिकॉर्डेड गाने ही बजेंगे, लाइव प्रस्तुति नहीं

रिकॉर्डेड गाने ही बजेंगे, लाइव प्रस्तुति नहीं
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नई दिल्ली (एजेंसी)। कोविड-19 महामारी के दौरान त्योहारी मौसम में एक बड़ी चुनौती होने के बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने भीड़-भाड़ वाले आयोजनों के लिए दिशानिर्देश जारी करते हुए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसेजर जारी किया है। इनमें कार्यक्रमों के लिए विस्तृत स्थान, सामाजिक दूरी सुनिश्चित करना, मूर्तियों और पवित्र ग्रंथों को स्पर्श नहीं करने जैसे उपाय शामिल हैं ताकि वायरस के संक्रमण पर काबू पाया जा सके।

मंत्रालय के मुताबिक केवल कंटेनमेंट जोन्स के बाहर ही त्योहारों के लिए अनुमति दी जाएगी वहीं प्रतिबंधित क्षेत्रों के निवासियों को अपने घरों के अंदर ही त्योहार मनाने और बाहर नहीं निकलने के लिए प्रोत्साहित किया जा सकता है। मंत्रालय ने मानक संचालन प्रक्रिया (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसेजर) में कहा कि अक्टूबर से दिसंबर के बीच धार्मिक पूजा, मेलों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, जुलूसों आदि के लिए बड़े समारोह आयोजित होते हैं। ऐसे में यह महत्वपूर्ण है कि इस तरह के आयोजनों के लिए आवश्यक निवारक उपायों का पालन किया जाए। ऐसे कार्यक्रम एक दिन या एक सप्ताह या उससे भी अधिक समय तक चलते हैं।

एसओपी में कहा गया है कि जहां तक संभव हो रिकॉर्ड किए गए भक्ति संगीत या गाने बजाए जाएं और गायन समूहों को अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। एसओपी के अनुसार भौतिक दूरी के मानदंडों को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम स्थलों में सभी स्थानों पर उचित निशान होना चाहिए। साथ ही केवल उन कर्मचारियों और आगंतुकों को ही आने की अनुमति दी जाए जिनमें संक्रमण के लक्षण नहीं हैं। एसओपी के अनुसार सभी कर्मचारियों और आगंतुकों को प्रवेश की अनुमति तभी दी जाएगी जब वे मास्क का उपयोग कर रहे हों। हर समय न्यूनतम छह फुट की भौतिक दूरी का पालन करने को भी कहा गया है। कई दिनों या हफ्तों तक चलने वाले कार्यक्रमों में हमेशा एक जैसी भीड़ नहीं होती है। आमतौर पर दिन के कुछ घंटों में ही भीड़ ज्यादा होती है।

एसओपी के अनुसार कार्यक्रम की योजना इस प्रकार से बनाई जानी चाहिए ताकि भीड़ को नियंत्रित रखा जा सके और सुरक्षित सामाजिक दूरी का पालन हो सके। रैलियों और विसर्जन जुलूसों में लोगों की संख्या निर्धारित सीमा से अधिक नहीं होनी चाहिए

और सामाजिक दूरी और मास्क पहनना सुनिश्चित किया जाना चाहिए। एसओपी के अनुसार सक्षम अधिकारी स्थानीय आकलन के अनुसार अपने क्षेत्र में अतिरिक्त उपायों को लागू कर सकते हैं जो गृह मंत्रालय द्वारा दी गई अनुमति के अनुरूप हो। इसके अलावा थर्मल स्क्रीनिंग पर भी जोर दिया गया है। सामाजिक दूरी, मास्क जैसे प्रावधानों पर नजर रखने के लिए क्लोज-सर्किट कैमरे आदि पर विचार किया जा सकता है।

 


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