नामीबिया से भारत के सफर की तैयारी, अब जयपुर नहीं, सीधे ग्वालियर जाएंगे चीते, आखिरी वक्त पर बदला गया फैसला

Now not Jaipur, cheetahs will go straight to Gwalior, the decision was changed at the last moment
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(1) ट्रेप बनाकर चीतों को पिंजरे में दाखिल कराते हुए (2) पिंजरे पर मार्किंग करते (3) पिंजरे के अंदर चीता (4) तैयारी पूरी होने के बाद पिंजरों के साथ अधिकारी।

नई दिल्ली (एजेंसी)। नामीबिया से  8 चीतों के आगमन से एक दिन पहले शुक्रवार को अधिकारियों ने बताया कि चीतों को लाने वाला विशेष मालवाहक विमान जयपुर के बजाय अब ग्वालियर में उतरेगा। भारत में 70 साल बाद चीते आ रहे हैं। नामीबिया से ये चीते स्पेशल चार्टर फ्लाइट से ग्वालियर लाए जाएंगे। पहले इन्हें जयपुर लाया जाना था, लेकिन लॉजिस्टिक की दिक्कत के चलते एक दिन पहले प्लान में बदलाव किया गया है। ग्वालियर से इन चीतों को हेलिकॉप्टर के जरिए मध्य प्रदेश के कूनो-पालपुर राष्ट्रीय उद्यान (केएनपी) लाया जाएगा। एक अधिकारी ने कहा कि इन चीतों को शनिवार तड़के ग्वालियर हवाई अड्डे पर लाया जाएगा, जहां से उन्हें एक विशेष हेलीकॉप्टर से मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले के कुनो राष्ट्रीय उद्यान पहुंचाया जाया जाएगा। केएनपी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इनमें से 3 चीतों को वहां बनाए गए विशेष बाड़ों में छोड़ देंगे।

5 मादा और 3 नर चीते आ रहे

अधिकारियों ने बताया कि 5 मादा और 3 नर चीतों को नामीबिया की राजधानी विंडहोक से विशेष मालवाहक विमान बोइंग 747-400 के जरिये ग्वालियर हवाई अड्डे पर लाया जाएगा। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पुष्टि की कि ग्वालियर से चीतों को भारतीय वायु सेना के चिनूक हेलीकॉप्टर के जरिये केएनपी हेलीपैड पर उतारा जाएगा। चीता संरक्षण कोष (सीसीएफ) के मुताबिक, केएनपी लाए जा रहे चीतों में से पांचों मादा की उम्र दो से पांच साल के बीच, जबकि नर चीतों की आयु 4.5 साल से 5.5 साल के बीच है।


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